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51 करोड़ की पुरानी मुद्रा वापस करना चाहता है तिरुमला तिरुपति देवस्थानम, वित्त मंत्री से की मुलाकात

Tue, 14 Jul 2020 09:04 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, तिरुमला
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, तिरुमला Published by: Tanuja Yadav Updated Tue, 14 Jul 2020 09:04 AM IST
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Tirumala Tirupati Devashthanams wants 51 crore old currency to monetize after demonatisation
तिरुपति मंदिर - फोटो : tirumala.org

आंध्र प्रदेश के तिरुमला में देश के सबसे अमीर भगवान वेंकटेश के मंदिर का प्रबंध करने वाले तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने 51 करोड़ रुपये की पुरानी मुद्रा को वापस करने की इच्छा रखी है। इसमें बंद किए गए 500 और 1,000 रुपये के नोट हैं, देवस्थानम ने ये फैसला नोटबंदी के करीब चार साल बाद लिया है।

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सोमवार को तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के चेयरपर्सन वाईवी रेड्डी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। रेड्डी ने वित्तमंत्री से पुराने नोट का मुद्रीकरण करने की अपील की, ये मुद्रा भक्तों की ओर से भगवान वेंकटेश को चढ़ाई गई थी।
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रेड्डी ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री के सामने एक रीप्रेजेंटेशन रखी है और अपील की है कि कोरोना वायरस की वजह से तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की वित्तीय स्थिति को समझें और इस समस्या का समाधान निकालें। वाईवी रेड्डी ने कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री को बताया कि तीर्थयात्री हंडी (दानपात्र) में राशि डालने को पवित्र समझते हैं और इससे एक तरह की महान भावना तीर्थयात्री के मन में आ जाती है, ऐसे में तिरुमला तिरुपति देवस्थानम भक्तों की भेंट को खारिज नहीं कर सकता। 
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रेड्डी ने कहा कि आठ नवबंर 2016 में केंद्र सरकार ने नोटबंदी का फैसला लिया था, जिसके बाद तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने भी 500 और 1,000 रुपये की प्रतिबंधित मुद्रा को लेना बंद कर दिया था और इन दोनों नोटों का ट्रांजैक्शन भी रोक दिया था।


हालांकि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम का कहना है कि हंडी में भक्तों ने ये पैसे कब डालें, इसके बारे में जानकारी नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के बाद भी भक्तों ने हंडी में 500 और 1,000 रुपये के नोट डालने बंद नहीं किए। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री ने रेड्डी को आश्वासन दिया है कि वो केंद्रीय बैंक से बात करेंगी और इस संबंध में समाधान निकालने की कोशिश करेंगी।

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