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Tripura: 'अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की पहल करे अंतरिम सरकार', YTF ने बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त से की बात

Sat, 21 Sep 2024 06:37 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Published by: बशु जैन Updated Sat, 21 Sep 2024 06:37 PM IST
सार

वाईटीएफ के अध्यक्ष सूरज देबबर्मा ने कहा कि खगराचारी और अन्य क्षेत्रों से सामने आईं रिपोर्टों से साफ है कि इन क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों और आदिवासी समुदायों की सुरक्षा और अधिकार खतरे में हैं। वाईटीएफ ने अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों और हत्या के विरोध में रैली निकाली। 

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Tipra Motha's youth wing urges Bangla envoy in Agartala to protect minorities in Bangladesh
अगरतला में रैली निकालते वाईटीएफ और चकमा स्टूडेंट्स फेडरेशन के सदस्य। - फोटो : ANI

विस्तार

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और आदिवासी समुदाय पर हो रहे हमलों पर टिपरा मोथा की युवा शाखा यूथ टिपरा फेडरेशन (YTF) ने चिंता जताई है। फेडरेशन ने शनिवार को अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त आरिफ मोहम्मद से बात की। उन्होंने बांग्लादेश में स्वदेशी और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की अपील की। इससे पहले वाईटीएफ ने अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों और हत्या के विरोध में रैली निकाली। 

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वाईटीएफ के अध्यक्ष सूरज देबबर्मा ने कहा कि खगराचारी और अन्य क्षेत्रों से सामने आईं रिपोर्टों से साफ है कि इन क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों और आदिवासी समुदायों की सुरक्षा और अधिकार खतरे में हैं। अल्पसंख्यकों को चाहे वह भारत, बांग्लादेश या दुनिया में कहीं भी हों, अपने धर्म, आस्था और रीति-रिवाजों का पालन करने और अपनी मातृभूमि में शांति से रहने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी टिपरा मोथा और उसके अध्यक्ष महाराजा प्रद्योत किशोर माणिक्य ने हमेशा त्रिपुरा और भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की वकालत की है।
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देबबर्मा ने कहा कि हम बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से भी कुछ इसी तरह से अल्पसंख्यकों और आदिवासी समुदायों की सुरक्षा की अपील करते हैं। सरकार को टिपरासा, चकमा, मणिपुरी, गारो सहित स्वदेशी लोगों की महत्वपूर्ण आबादी के साथ-साथ हिंदू बंगाली, बौद्ध और ईसाई जैसे धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन समुदायों के बीच भय और असुरक्षा अस्वीकार्य है। साथ ही यह क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि के लिए अच्छा नहीं है।
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सहायक उच्चायुक्त को दिए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि हम बांग्लादेश में ऐसी घटनाओं को लेकर चिंतित हैं। हम अंतरिम सरकार और बांग्लादेश के लोगों से हिंसा या संघर्ष पर शांति और सद्भाव को प्राथमिकता देने की अपील करते हैं। बांग्लादेश सरकार को सभी स्वदेशी और धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और जीवन की रक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।


इससे पहले वाईटीएफ, चकमा स्टूडेंट्स फेडरेशन और टिपरा इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन (टीआईएसएफ) के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने चटगांव हिल ट्रैक में स्वदेशी लोगों पर हमले और हत्या के खिलाफ विरोध रैलियां निकालीं। बौद्ध भिक्षुओं ने भी शांति की अपील करते हुए रैली निकाली।

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