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वक्त ने दुहराया 22 साल पुराना इतिहास, तब देवगौड़ा तो अब वजुभाई के पास है चाबी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Wed, 16 May 2018 09:02 PM IST
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जगह और तारीख बदल गई है, मगर वक्त ने पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा और कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला को फिर से एक दूसरे के सामने खड़ा कर दिया है। अंतर बस इतना है कि 22 साल पहले वजुभाई से जुड़ी गुजरात की सत्ता की चाबी तत्कालीन पीएम देवगौड़ा के पास थी तो अब कर्नाटक की सत्ता की चाबी वजुभाई के पास।
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दरअसल 22 वर्ष पूर्व वजुभाई के गुजरात भाजपा अध्यक्ष रहते उनका सामना तत्कालीन पीएम देवगौड़ा से पड़ा था। वर्ष 1996 में शंकर सिंह वाघेला के पार्टी छोड़ने के बाद गुजरात की सुरेश मेहता सरकार संकट में घिर गई थी। तत्कालीन राज्यपाल कृष्णपाल सिंह ने मेहता को सदन में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था। बहुमत साबित करने के दौरान सदन में हिंसा हुई। इसी दौरान स्पीकर ने विपक्ष को निलंबित कर मेहता सरकार का विश्वास मत पारित करा दिया।
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हालांकि इसके बाद राज्यपाल सिंह ने राष्ट्रपति को भेजे अपनी रिपोर्ट में मेहता सरकार को अल्पमत में बताया और विधानसभा भंग करने की सिफारिश की। बाद में राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने तत्कालीन पीएम देवगौड़ा की राय पर विधानसभा भंग कर दी।
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अब 22 साल बाद कर्नाटक में त्रिशंकु जनादेश के कारण सरकार पर निर्णय करने की बारी वजुभाई के हाथ में है। उन्हें ही तय करना है कि देवगौड़ा के नेतृत्व वाली जदएस को राज्य में सरकार बनाने का निमंत्रण दिया जाए या नहीं।