कोरोना वायरस: एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले के तीन आरोपी संक्रमित हुए
तलोजा जेल के अधिकारियों ने इस साल अप्रैल और मई में ऐहतियाती तौर पर 556 कैदियों की आरटी-पीसीआर जांच की थी, जिनमें कुल 14 कैदी वायरस से संक्रमित पाए गए थे।
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मुंबई के पास तलोजा केंद्रीय कारागार में बंद एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले के दस में से तीन आरोपी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई में स्थित इस जेल में हाल ही में 57 कैदियों की आरटी-पीसीआर जांच की गई थी।
जेल अधिकारी ने कहा कि एल्गार मामले में आरोपी महेश राउत, सागर गोरखे और रमेश गाइचोर कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए जबकि अन्य 54 संक्रमित नहीं मिले। बुधवार को इनकी रिपोर्ट आई थी।
संक्रमित नहीं पाए गए कैदियों में कार्यकर्ता गौतम नवलखा, आनंद तेलतुंबड़े, रोना विल्सन, वर्नन गोंसाल्वेस, सुरेन्द्र गाडलिंग, सुधीर धवले और अरुण फरेरा शामिल हैं। ये सभी एल्गार परिषद मामले में आरोपी हैं।
इस मामले में कुल 13 आरोपियों में से वरवर राव, स्टैन स्वामी और हनी बाबू फिलहाल जेल से बाहर हैं। राव को जमानत मिल चुकी है जबकि स्वामी (84) और बाबू अस्पताल में भर्ती हैं। स्वामी और बाबू अस्पताल में संक्रमित पाए गए थे। एक अन्य आरोपी सुधा भारद्वाज मुंबई स्थित बायकुला जेल में बंद हैं।
हनी बाबू की दोबारा जांच कर 14 जून तक रिपोर्ट दे अस्पताल: उच्च न्यायालय
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने गुरुवार को शहर में स्थित ब्रीच कैंडी अस्पताल को एल्गार परिषद -माओवादी संबंध मामले में आरोपी हनी बाबू की दोबारा जांच कर 14 जून तक मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के लिये कहा है। अदालत ने कहा कि तब तक दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक बाबू का दक्षिण मुंबई में स्थित इस अस्पताल में इलाज चलता रहेगा और उनका परिवार इलाज का खर्च उठाएगा।
अदालत ने स्वास्थ्य और चिकित्सा सहायता के आधार पर अंतरिम जमानत देने की बाबू की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। इस दौरान अदालत ने सह आरोपी स्टेन स्वामी के स्वास्थ्य को लेकर एक समाचार आलेख पर आपत्ति की। अस्पताल ने गुरुवार को उच्च न्यायालय में एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कहा गया था कि बाबू का कोविड-19 और आंख में संक्रमण का इलाज हो चुका है। अब वह ठीक हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
बाबू के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता युग चौधरी ने उच्च न्यायालय से बाबू को अभी तलोजा जेल नहीं भेजने का अनुरोध किया। बाबू अस्पताल लाए जाने से पहले नवी मुंबई में स्थित इस जेल में विचाराधीन कैदी के तौर पर बंद थे।