कश्मीर हिंसा पर बोले पीएम मोदी- जो लोग मारे गए, वे हमारे अपने थे
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कश्मीर मसले पर पीएम मोदी ने कहा है कि हिंसा में जो लोग मारे गए, वे हमारे अपने थे। पीएम मोदी ने कश्मीर में जारी हिंसा और कर्फ्यू के हालात पर दुख प्रकट किया और संवैधानिक तरीके से समस्या का हल निकालने का बात कही। पीएम मोदी ने ये बातें जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में उनसे मिले शिष्टमंडल से कहीं। उमर अब्दुल्ला इससे पहले विपक्षी नेताओं के दल के साथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का ध्यान भी कश्मीर मसले पर खींच चुके हैं।
पीएम मोदी ने उमर और विपक्षी नेताओं से कहा कि जो लोग कश्मीर मसले की भेंट चढ़े हैं, वे हमारे अपने ही थे। उन्होंने कहा कि हमें संविधान के दायरे में समस्या का संपूर्ण हल निकलाने के लिए सलाह-मश्विरा करना चाहिए।
मोदी ने कहा कि जान हमारे युवाओं की जाए, सुरक्षाकर्मियों या पुलिस के सिपाहियों की, हमें पीड़ा पहुंचाती है।
क्या पीएम मोदी की बात सुनेंगे घाटी के लोग?
शिष्टमंडल ने पीएम मोदी को घाटी के हालात से वाकिफ कराया। शिष्टमंडल ने पीएम को बताया कि महीने भर पहले आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से अब तक स्थानीय लोगों और सुरक्षाबलों के बीच चले संघर्ष में 70 लोगों की जानें गई हैं।
शिष्ट मंडल में सीपीआईएम के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, सूबे के कांग्रेस अध्यक्ष जीए मीर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और निर्दलीय नेता भी शामिल थे।
शिष्टमंडल ने पीएम मोदी को घाटी में पैलेट गन के इस्तेमाल के तुरंत रोकने के लिए मेमोरेंडम दिया। सभी नेताओं ने पीएम से आग्रह किया कि वे घाटी में हालात सामान्य करने के लिए लोगों से बात करें। मेमोरेंडम में कहा गया है कि हमें उम्मीद है कि पीएम मोदी तुंरत मसले का कुछ हल निकालेंगे।