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'70 साल बनाम मोदी कार्यकाल': 'बिल का विरोध करने वाले मुसलमान नहीं', उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन का बयान

Wed, 02 Apr 2025 07:56 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 02 Apr 2025 07:56 AM IST
सार

केंद्र सरकार बुधवार (2 अप्रैल) को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पेश करने जा रही है। यूं तो केंद्र ने इस विधेयक को पिछले साल अगस्त को लोकसभा के सामने रखा था। हालांकि, बाद में सर्वसम्मति से इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया। जेपीसी ने करीब छह महीने तक विधेयक पर मिले संशोधन के सुझावों पर विचार किया और 27 जनवरी को इसे फिर से संसद में पेश करने की मंजूरी दे दी। एक महीने बाद ही केंद्रीय कैबिनेट ने भी इस विधेयक पर मुहर लगा दी।  

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Uttarakhand Board Chairman Slams Opposition Says Muslims Not Opposing the Bill Details News in Hindi
Waqf Board - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वक्फ संशोधन विधेयक पर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह 70 साल बनाम मोदी कार्यकाल की लड़ाई है और जो कोई भी वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध कर रहा है, वह मुसलमान नहीं है। उन्होंने कहा, 'गरीब मुसलमानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीदें हैं और इसीलिए हमने इस संशोधन विधेयक का नाम 'उम्मीद' रखा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू उम्मीद की किरण हैं। पीएम मोदी सरकार ने तय किया है कि वे गरीब मुसलमानों को मुख्यधारा में लाएंगे। यह '70 साल बनाम मोदी कार्यकाल' है। विपक्ष के पास 70 साल थे और उन्होंने जो कर सकते थे किया। उन्होंने वक्फ को लूटा। अमीरों ने गरीबों के हक लूटे।

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उन्होंने विपक्ष पर आगे हमला करते हुए कहा कि विपक्ष के लोग मुसलमानों को यह कहकर डरा रहे हैं कि मस्जिदें छीन ली जाएंगी। जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे मुसलमान नहीं हैं। वे कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आप और जनता दल के राजनीतिक मुसलमान हैं। उनके पीछे जमीयत उलेमा-ए-हिंद और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे एनजीओ और समितियां हैं, जो पिछले दरवाजे से राज्यसभा जाना चाहते हैं। वे सभी वक्फ लाभार्थी हैं। उन्हें चिंता है कि यह उनसे छीन लिया जाएगा। वे चिंतित हैं क्योंकि यह अमीरों से छीना जा रहा है। हमें यकीन है कि पीएम मोदी वक्फ संशोधन विधेयक पारित करेंगे और गरीब मुसलमानों को उनके अधिकार देंगे।
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वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 बुधवार को संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। तमाम राजनीतिक दलों ने इसके मद्देनजर व्हिप जारी किया है। सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' में सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में अंतिम परिणाम सदन में बहुमत के आधार पर तय किए जा सकते हैं। विधेयक को आज प्रश्नकाल के बाद विचार और पारित करने के लिए पेश किया जाएगा और उसके बाद 8 घंटे की चर्चा होगी, जिसे बढ़ाया भी जा सकता है।

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