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दुनिया ने झेली दूसरी सबसे गर्म मई: ग्रीनलैंड में रिकॉर्ड टूटा, समुद्र भी उबले, बारिश-सूखे के असमान पैटर्न बढ़े

Sat, 14 Jun 2025 04:43 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Sat, 14 Jun 2025 04:43 AM IST
सार

मई 2025 में सतह का औसत तापमान 15.79 डिग्री दर्ज किया गया, जो 1991से 2020 की औसत अवधि से 0.53 डिग्री अधिक था। यह 2024 की सबसे गर्म मई से केवल 0.12 डिग्री  कम रहा, जिससे साफ है कि वैश्विक गर्मी में मामूली ही गिरावट आई है।

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This year May was second hottest May ever recorded worldwide, uneven patterns of rain and drought increased
भीषण गर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनियाभर में इस वर्ष मई अब तक का दूसरा सबसे गर्म मई महीना रहा, लेकिन भारत में इस दौरान भीषण गर्मी नहीं पड़ी। मई 2025 में वैश्विक सतह तापमान 1850 से 1900 के औद्योगिक काल की तुलना में 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। यूरोपीय संघ की कॉपर्निकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। हालांकि भारत, अलास्का, दक्षिणी अफ्रीका और पूर्वी अंटार्कटिका जैसे क्षेत्रों में मई में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।

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मई 2025 में सतह का औसत तापमान 15.79 डिग्री दर्ज किया गया, जो 1991से 2020 की औसत अवधि से 0.53 डिग्री  अधिक था। यह 2024 की सबसे गर्म मई से केवल 0.12 डिग्री  कम रहा, जिससे साफ है कि वैश्विक गर्मी में मामूली ही गिरावट आई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वृद्धि मुख्यतः जीवाश्म ईंधनों से उत्सर्जन का नतीजा है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 22 में से 21 महीने ऐसे रहे, जब औसत वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री से अधिक रहा। इससे पूर्व मार्च, अप्रैल व फरवरी भी इतिहास के दूसरे या तीसरे सबसे गर्म महीने रहे। भारत में फरवरी 2025 पिछले 125 वर्षों की सबसे गर्म रही, जबकि जनवरी ला नीना के प्रभाव के बावजूद भी अब तक की सबसे गर्म जनवरी साबित हुई।
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ग्रीनलैंड और आइसलैंड में पिघलती बर्फ
वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन समूह के वैज्ञानिकों ने बताया कि ग्रीनलैंड और आइसलैंड में तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा,जिससे बड़ी मात्रा में बर्फ पिघल गई। इसका कारण मानवीय गतिविधियों से उत्पन्न उत्सर्जन और जलवायु परिवर्तन है। उत्तरी गोलार्ध में विशेषकर पश्चिम-मध्य एशिया, पूर्वोत्तर रूस और पश्चिमी अंटार्कटिका में असामान्य गर्मी दर्ज की गई, जबकि हडसन बे, उत्तरी ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अंटार्कटिका में अपेक्षाकृत ठंडक रही।
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भारत में मई के दौरान मौसम ने चौंकाया, इसलिए रहा ठंडा
मई 2025 में भारत का मौसम आमतौर पर पड़ने वाली भीषण गर्मी के बजाय इस बार सामान्य से ठंडा रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसके पीछे असामान्य प्री-मानसून वर्षा, मानसून का जल्दी आना, पश्चिमी विक्षोभ की बार-बार सक्रियता और ला नीना जैसी वैश्विक मौसमी घटनाओं की अहम भूमिका रही। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में इस पूरे महीने के दौरान कई बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे। इन प्रणालियों के कारण जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से लेकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक बारिश और तेज हवाएं चलीं।  इसलिए भीषण गर्मी से राहत मिली।


देश के कई हिस्सों में मई के दौरान सामान्य से 20 से 40% अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर गया। दिल्ली, लखनऊ, पटना जैसे शहरों में तापमान कई बार 35 डिग्री से नीचे रहा।

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