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तो इन वजहों से अबू सलेम को कोर्ट ने नहीं सुनाई मौत की सजा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
Updated Thu, 07 Sep 2017 01:52 PM IST
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1993 के मुंबई बम ब्लास्ट केस में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम सहित पांच अन्य दोषियों को विशेष टाडा कोर्ट ने सजा सुना दी है। सीबीआई ने पांच दोषियों में से तीन को मृत्युदंड और अबू सलेम सहित दो को उम्रकैद की सजा देने की मांग की थी। जिसके बाद कोर्ट ने अबू सलेम को उम्र कैद की सजा सुनाई है।
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इससे पहले मामले में सुनवाई करते हुए विशेष टाडा कोर्ट ने अबु सलेम और 5 आरोपियों को दोषी करार दिया था। इस मामले में सातवें आरोपी अब्दुल कय्यूम को कोर्ट ने पर्सनल बॉन्ड पर बरी कर दिया था। अबू सलेम को कोर्ट फांसी की सजा नहीं दे सकता है। उल्लेखनीय है कि 2005 में पुर्तगाल ने अबु सलेम को प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत को सौंपा था।
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पुर्तगाल ने प्रत्यर्पण संधि के तहत सौंपा था अबू सलेम को
सलेम और उसकी महिला मित्र अभिनेत्री मोनिका बेदी को तीन साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पुर्तगाल ने 11 नवंबर, 2005 को भारत को सौंपा था। पुर्तगाल ने कुछ शर्तों पर प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी। प्रत्यर्पण की शर्त के अनुसार सलेम को दोषी पाये जाने पर न तो मौत की सजा दी जायेगी और न ही उसे 25 साल से अधिक हिरासत में रखा जाएगा। अबू सलेम के प्रत्यर्पण के समय भारत ने पुर्तगाल को इन शर्तों के पालन को आश्वासन दिया था।