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सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन की सेना के बीच जनरल स्तर की तीसरी वार्ता कल

Mon, 29 Jun 2020 08:09 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 29 Jun 2020 08:09 PM IST
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Third round of General level talks scheduled tomorrow in Chushul in Ladakh between India and China amid border dispute
सांकेतिक तस्वीर

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद को कम करने के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच कल यानी मंगलवार को तीसरी वार्ता होगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक जनरल स्तर की यह वार्ता सुबह 10.30 बजे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के भारतीय पक्ष के चुशुल में होगी। भारत की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन की ओर से मेजर जनरल लिन लियू बैठक में भाग लेंगे। इन वार्ताओं के पिछले दौ दौर चीनी पक्ष के मॉल्डो में आयोजित हो चुके हैं। 

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भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर विवाद हाल के दिनों में काफी बढ़ गया है। 15 जून की रात को दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी, जिसमें भारतीय पक्ष के 20 जवान शहीद हुए थे। चीन ने इस झड़प में अपने हताहत सैनिकों की अभी तक कोई जानकारी साझा नहीं की है। भारत पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के लिए बीजिंग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि चीन मई की शुरुआत से ही एलएसी पर  बड़ी संख्या में सैनिक और युद्ध सामग्री जुटा रहा है। 
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बीते दिनों कहा था कि मई के शुरू में चीनी पक्ष ने गलवां घाटी क्षेत्र में भारत की सामान्य व पारंपरिक गश्त को बाधित करने वाली कार्रवाई की और मई के मध्य में इसने पश्चिमी सेक्टर के अन्य क्षेत्रों में यथास्थिति को बदलने की कोशिश की। श्रीवास्तव ने कहा, हमने चीन की कार्रवाई को लेकर कूटनीतिक और सैन्य दोनों माध्यमों से अपना विरोध दर्ज कराया था और स्पष्ट किया था कि इस तरह का कोई भी बदलाव अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा था कि छह जून को वरिष्ठ कमांडरों की बैठक हुई और तनाव कम करने तथा एलएसी से पीछे हटने पर सहमति बनी जिसमें पारस्परिक कदम उठाने की बात शामिल थी। दोनों पक्ष एलएसी का सम्मान और नियमों का पालन करने तथा यथास्थिति को बदलने वाली कोई कार्रवाई न करने पर सहमत हुए थे। चीनी पक्ष एलएसी के संबंध में बनी इस समझ से गलवां घाटी में पीछे हट गया और उसने एलएसी के बिलकुल पास ढांचे खड़े करने की कोशिश की।


जब यह कोशिश विफल कर दी गई तो चीनी सैनिकों ने 15 जून को हिंसक कार्रवाई की जिसका परिणााम सैनिकों के हताहत होने के रूप में निकला। इसके बाद, दोनों पक्षों की क्षेत्र में बड़ी संख्या में तैनाती है, हालांकि सैन्य एवं कूटनीतिक संपर्क जारी हैं। चीनी पक्ष मई की ओर से एलएसी पर बड़ी संख्या में सैन्य तैनाती और युद्धक सामग्री जुटाना विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है, खासकर 1993 में सीमा पर शांति के लिए हुए समझौते को लेकर। इस पर भारत को भी जवाबी तैनाती करनी पड़ी और उसके बाद से तनाव साफ दिख रहा है।

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