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महाराष्ट्र एटीएस: तीसरा आरोपी है हिंदू संगठन का सदस्य, दो लोगों को दी थी बम बनाने की ट्रेनिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Sun, 12 Aug 2018 11:12 AM IST
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सतारा के करंजी पेठ के निवासी 39 साल के सुधन्वा गोंधालेकर, उन तीन लोगों में शामिल है जिन्हें आतंकवाद निरोधी दल (एटीएस) ने कथित तौर पर बहुत बड़े हमले को अंजाम देने की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह राज्य के विभिन्न हिस्सों में हमले करने वाले थे। सुधन्वा एक हिंदुत्व संगठन श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान का सक्रिय सदस्य रह चुका है, उसने सनातन संस्थान के नेता के साथ करीबी रिश्ते बना लिए थे।
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आरोपी के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि गोंधालेकर सनातन प्रभात का एक उत्साही पाठक था। यह एक पाक्षिक मैग्जीन है जिसका प्रकाशन सनातन संस्था करती है। सनातन संस्था के प्रवक्ता चेतन राजहंस ने कहा 'गोंधालेकर सनातन प्रभात का नियमित पाठक था लेकिन वह संस्था में औपचारिक तौर पर कोई पद नहीं संभालता।' गोंधालेकर को मुख्य आरोपी 40 साल के वैभव राउत और 25 साल के शरद कसालकर के साथ गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस का कहना है कि उसे 20 देसी बम, दो जिलेटिन शीट्स, बम बनाने को लेकर नोट, एक 6 वाट की बैटरी, कुछ तारें, ट्रांसिस्टर और ग्लू राउत और कसालकर के पास से मिली हैं। सूत्रों का कहना है कि गोंधालेकर को विस्फोटक की जानकारी थी और उसने इन्हें असेंबल करने में दो लोगों को ट्रेन किया था। तीनों 18 अगस्त तक के लिए पुलिस हिरासत में हैं। सनातन संस्था की वेबसाइट पर गोंधालेकर की तस्वीरें हैं। जिसमें वह संगठन के साथ हिंदू जनजागृति समिती की गतिविधियों और विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए दिखाई दे रहा है। इसमें उसे श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान का सदस्य बताया गया है। यह संगठन शंभाजी भिड़े का है।
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भिड़े पर 1 जनवरी को हुए कोरेगांव भीमा में हिंसा भड़काने का आरोप है। इसमें एक शख्स की मौत हो गई थी जबकि बहुत से अन्य घायल हो गए थे। हालांकि पुलिस का कहना है कि उनके पास भिड़े को गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। गोंधालेकर का नाम अप्रैल 2014 में सतारा में हिंदू कार्यकर्ताओं द्वारा गोहत्या को रोकने के लिए छपे एक लेख में आया था। वेबसाइट पर अगस्त 2016 में किए गए प्रदर्शन राष्ट्रीय हिंदू आंदोलन को लेकर जानकारी है। इसमें गोंधालेकर ने सनातन संस्था और एचजेएस के साथ हिस्सा लिया था। इस दौरान वह नारा लगा रहा था- अम्ही सारे सनातनी।
गोंधालेकर ने लोगों से सनातन प्रभात को पढ़ने की अपील की थी। वह महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के खिलाफ आंदोलन करने में सक्रिय भादीदार था। इस संगठन की स्थापना नरेंद्र दाभोलकर ने की है, जिनकी सितंबर 2016 को पुणे में हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद सतारा में गोंधालेकर ने सनातन संस्था के प्रवक्ता अभय वार्तक के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दाभोलकर की संस्था पर कुप्रबंधन के आरोप लगाए थे।
श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान के नेता नितिन चोघुले ने कहा, 'सुधन्वा ने संस्थान में कभी कोई जिम्मेदारी नहीं संभाली और हमने उसे कभी सनातन संस्था के किसी कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधित्व करने को नहीं कहा। उसने इन कार्यक्रमों में व्यकितगत क्षमता के हिसाब से हिस्सा लिया था। लेकिन उसने पिछले चार सालों में हमारे कार्यक्रमों में सक्रिय तौर पर हिस्सा नहीं लिया है।'