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चिदंबरम की याचिका पर विचार करने से खराब मिसाल कायम होगी : सीबीआई
Tue, 03 Sep 2019 10:20 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 03 Sep 2019 10:20 PM IST
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पी चिदंबरम (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में निचली अदालत के रिमांड आदेशों को चुनौती देने वाली पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की याचिका पर विचार करना ‘बहुत बुरी मिसाल कायम करेगा।’
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जांच एजेंसी ने चिदंबरम की याचिका को खारिज किए जाने की मांग की और कहा कि इसी तरह के सभी आरोपी सीधे शीर्ष अदालत आएंगे और निचली आदेश के आदेशों को चुनौती देंगे क्योंकि ‘अन्य नागरिकों की स्वतंत्रता याचिकाकर्ता (पी चिदंबरम) से कम महत्वपूर्ण नहीं होगी।’
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न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ के समक्ष सीबीआई ने हलफनामा सौंपा। पीठ ने चिदंबरम को पांच सितम्बर तक सीबीआई हिरासत में रखने के आदेश दिए और उनकी याचिका को सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार के लिए सूचीबद्ध किया।
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सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने चिदंबरम की याचिका पर हलफनामा सौंपा। चिदंबरम ने याचिका में उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट और निचली अदालत द्वारा पारित रिमांड आदेशों को चुनौती दी है।
आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को पांच सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में रहना पड़ेगा क्योंकि जांच एजेंसी द्वारा उनसे हिरासत में और पूछताछ की आवश्यकता से इनकार करने पर उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में बृहस्पतिवार तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।
जांच ब्यूरो ने वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेश से 305 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड की मंजूरी देने में कथित अनियमितताओं के लिए 15 मई, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी।