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दिल्ली पुलिस सहित ये दस एजेंसियां किसी भी फोन को कर सकती हैं इंटरसेप्ट

Tue, 19 Nov 2019 06:40 PM IST
आसिम खान डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला 
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला  Published by: आसिम खान Updated Tue, 19 Nov 2019 06:40 PM IST
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These ten agencies including Delhi Police can intercept any phone
प्रतीकात्मक तस्वीर

देश की दस सुरक्षा एजेंसियां किसी भी व्यक्ति का फोन इंटरसेप्ट कर सकती हैं। फोन पर क्या बातचीत हुई है, सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए किस सामग्री का आदान प्रदान हो रहा है, आदि। बशर्ते ये सब करने के लिए कानून इजाजत देता हो। इसके लिए स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) बनाई गई है।

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अगर केंद्र की कोई एजेंसी फोन टेप करती है तो उसके केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी लेनी जरूरी है। यदि किसी राज्य का मामला है तो संबंधित प्रदेश के मुख्य सचिव के पास फाइल भेजी जाती है। खास बात है कि केंद्र सरकार ने जिन दस एजेंसियों को यह पावर दी है, उनमें दिल्ली पुलिस भी शामिल है।
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ये एजेंसियां फोन टेप करने के अलावा इंटरनेट पर नजर रख सकती हैं

  • इंटेलीजेंस ब्यूरो
  • नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो
  • एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट 
  • सेंट्रल ब्यूरो ऑफ डायरेक्ट टैक्स 
  • डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यु इंटेलीजेंस 
  • सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन 
  • नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी 
  • कैबिनेट सेक्रेट्रीएट 'रॉ' 
  • दिल्ली पुलिस आयुक्त 
  • डायरेक्ट्रेट ऑफ सिग्नल इंटेलीजेंस, (सर्विस एरिया ऑफ़ जम्मू कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट एंड असम) 


इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है: गह राज्यमंत्री
मंगलवार को लोकसभा में इस बाबत पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री जी कृष्ण रेड्डी ने बताया, फोन टेपिंग या इंटरनेट पर नजर रखने के मामले में पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है। सूचना तकनीक एक्ट 2000 का सेक्शन 69, यह अधिकार देता है कि भारत की एकता, संप्रभुता और सुरक्षा के मद्देनजर फोन इंटरसेप्ट व इंटरनेट पर निगरानी की जा सकती है।

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दूसरे देश के संबंधों का मामला हो या कानून व्यवस्था बिगड़ने का, ऐसे केसों में भी संबंधित कानून उक्त एजेंसियों को इंटरसेप्ट करने की पावर देता है। इंटरसेप्ट के मामलों पर नजर रखने के लिए एक तंत्र बनाया गया है। इसमें केंद्र के गृह सचिव और राज्यों के मुख्य सचिव शामिल होते हैं। वाजिब कारण होने पर ही ये दस एजेंसियां अपने इस विशेष अधिकार का इस्तेमाल करती हैं।

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