ये हैं वो 7 अलगाववादी, जो पाकिस्तानी पैसों से फैलाते हैं कश्मीर में आतंक
श्रीनगर, जम्मू, दिल्ली और हरियाणा में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनआईए ने पिछले महीने कई जगह छापे मारे थे। इस छापामारी का संबंध आतंकवादियों को विदेश से मिलने वाली आर्थिक मदद की पड़ताल से बताया गया था। मंगलवार को कश्मीर में एनआईए ने इसी सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए लोगों को दस दिन के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी या एनआईए की हिरासत में भेज दिया गया है।
उन पर आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान से अवैध रूप से धन प्राप्त करने का आरोप है। आइए हम आपको बताते हैं उन 7 कश्मीरियों के बारे में, जिन्हें एनआईए ने गिरफ्तार किया है।
नईम अहमद खान: नईम जम्मू कश्मीर नेशनल फ्रंट का अध्यक्ष है। उसकी पार्टी हुर्रियत गुट का हिस्सा थी। लेकिन एक भारतीय टीवी चैनल पर स्टिंग ऑपरेशन के बाद उसकी सदस्यता रद्द कर दी गई।
फारूक अहमद डार: फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे एक कट्टर आतंकवादी कमांडर और जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (आर) का अध्यक्ष है। कई कश्मीरी हिंदुओं की हत्या के आरोप में 16 साल जेल में गुजार चुका है।
अल्ताफ अहमद शाह: अल्ताफ अहमद शाह उर्फ अल्ताफ फंटूश हुर्रियत का सदस्य होने के साथ-साथ अली शाह गिलानी का दामाद भी है। अल्ताफ ने गिलानी के साथ लंबा समय बिताया है।
अयाज अकबर: अयाज अकबर हुर्रियत (गिलानी धड़े) का प्रवक्ता है। सड़कों पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन कराने की वजह से उसे कई बार हिरासत में लिया गया और नजरबंद भी किया गया है।
आफताब हिलाली शाह: आफताब हिलाली शाह उर्फ शाहिद उल इस्लाम मीरवाइज के नेतृत्व वाले हुर्रियत गुट का प्रवक्ता है। आफताब एक पूर्व आतंकवादी है और मीरवाइज का बेहद करीबी सहयोगी रहा है।
पीर सैफुल्लाह: पीर सैफुल्लाह, हुर्रियत के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी का निजी सचिव है। वो गिलानी का करीबी सहयोगी रहा है।
राजा मेहराजुद्दीन कलवल: राजा मेहराजुद्दीन कलवल गिलानी के नेतृत्व वाली तहरीक-ए-हुर्रियत का श्रीनगर जिला प्रमुख है।