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Maharashtra: 'कुछ तो गड़बड़ है..', नाना पटोले ने चुनाव नियम में संशोधन को लेकर केंद्र पर साधा निशाना

Sun, 22 Dec 2024 07:53 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 22 Dec 2024 07:53 PM IST
सार

Maharashtra: कांग्रेस नेता नाना पटोले ने चुनाव नियम में संशोधन को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महायुति जनता का जनादेश चुराकर सत्ता में आई। 

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"There is something fishy...": Congress' Nana Patole after Centre amends election conduct rules
नाना पटोले - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने चुनाव नियम में किए गए बदलाव की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महायुति सरकार जनता के जनादेश को चुराकर सत्ता में वापस आई। पटोले ने इस संशोधन और चुनाव आयोग पर सवाल उठाया और कहा कि इसमें 'कुछ गड़बड़' है। 

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पटोले ने कहा, 'महाराष्ट्र में जो सरकार बनी है, वह चुनाव आयोग और केंद्र में बैठे कुछ बड़े अफसरों की मदद से सत्ता में आई है। यह सरकार लोगों के जनादेश को चुराकर बनी है। कल ही चुनाव आयोग ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि अब कोई जानकारी नहीं दी जाएगी। इसका मतलब कुछ गड़बड़ है।' 
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कांग्रेस नेता का यह बयान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक हालिया फैसले का बाद आया है। कोर्ट ने 'महमूद प्राचा बनाम चुनाव आयोग' के मामले में आदेश दिया था कि हरियाणा विधानसभा चुनाव से जुड़े सारे दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं, जिसमें सीसीटीवी फुटेज भी शामिल है। 
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लेकिन,केंद्र द्वारा किए गए हालिया संशोधन के बाद सीसीटीवी फुटेज जैसे कुछ इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों पर सार्वजनिक जांच को सीमित कर दिया गया है और यह बदलाव चुनाव आयोग की सिफारिश पर किया गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने हाल ही में चुनाव नियम 93 (2) में बदलाव किया, जिससे यह स्पष्ट किया गया कि कौन से दस्तावेज सार्वजनिक निरीक्षण के लिए उपलब्ध होंगे। 


हालांकि, चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उम्मीदवारों को पहले से ही सभी दस्तावेजों और कागजात तक पहुंच हासिल है और इस संबंध में कोई नया संशोधन नहीं किया गया है। जबकि नियम चुनाव कागजात की बात करता है। लेकिन यह इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स का स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं करता है। नियम में यह अस्पष्टता और मतदान केंद्रों के भीतर सीसीटीवी फुटेज के संभावित दुरुपयोग को लेकर चिंता है। खासतौर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में हो रही प्रगति के कारण इसे लेकर यह संशोधन किया गया है, ताकि मतदाता की गोपनीयता को सुरक्षित रखा जा सके और इसका दुरुपयोग रोका जा सके। 

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