{"_id":"61d30a4032a7606b794b408f","slug":"there-is-a-feeling-that-very-little-happened-in-isro-in-2021-acknowledges-its-chairman-k-sivan","type":"story","status":"publish","title_hn":"इसरो प्रमुख बोले: कोरोना के कारण 2021 में कम हलचल हुई, अब पाइपलाइन में तीन नए मिशन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
इसरो प्रमुख बोले: कोरोना के कारण 2021 में कम हलचल हुई, अब पाइपलाइन में तीन नए मिशन
Mon, 03 Jan 2022 08:15 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 03 Jan 2022 08:15 PM IST
सार
के सिवन ने स्वीकर किया कि पिछले साल इसरो में लॉन्च की संख्या कम रही और ऐसा कोरोना के कारण गतिविधियों के रुके रहने के कारण हुआ।
विज्ञापन
इसरो प्रमुख के सिवन
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के सिवन ने स्वीकार किया है कि यह मानना सही है कि 2021 में इसरो में कम हलचल रही। पिछले कुछ महीनों में कोरोना वायरस के प्रभाव के कारण ज्यादा कुछ नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के दौरान लॉकडाउन का प्रभाव अभी भी स्पष्ट है और सरकार के कोविड-19 दिशा-निर्देशों और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गतिविधियों को अंजाम दिया जाना था।
विज्ञापन
पिछले साल लॉन्चिंग रही कम
सिवन ने इसरो की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक नए साल के संदेश में कहा, ऐसा लग रहा है कि 2021 के दौरान इसरो में बहुत कम हलचल हुई। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले साल लॉन्च की संख्या कम रही। कोरोना के कारण पिछले कुछ महीने इसरो के लिए शांत रहे।
विज्ञापन
अंतरिक्ष एजेंसी के कर्मचारियों से सिवन ने कहा, हालांकि इसरो के अध्यक्ष के रूप में मुझे बेहद गर्व है कि आप सभी ने परिचालन मिशनों को जारी रखने, कई नए मिशनों की कल्पना करने, कई प्रौद्योगिकी विकास की पहल करने और अंतरिक्ष गतिविधियों के अगले दशक की योजना बनाने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विज्ञापन
जीएसएलवी एफ10 मिशन रहा विफल
पिछले साल इसरो के पास केवल दो सफल पीएसएलवी मिशन थे, जिसमें इसकी वाणिज्यिक शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) द्वारा एक समर्पित वाणिज्यिक मिशन शामिल था। क्रायोजेनिक चरण की विसंगति के कारण जीएसएलवी एफ10 (GSLV F10) मिशन विफल रहा। सिवन के अनुसार, एक राष्ट्रीय स्तर की विफलता विश्लेषण समिति का गठन किया गया था और इसने मूल कारण की पहचान की और अपनी सिफारिशें दीं।
उन्होंने कहा कि संबंधित प्रणालियों की मजबूती में सुधार के लिए आवश्यक डिजाइन बदलाव शामिल किए जा रहे हैं। अंतरिक्ष एप्लीकेशन डोमेन में इसरो ने भारत के भू-स्थानिक ऊर्जा मानचित्र, भारत के मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण एटलस, राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत जल-सूचना विज्ञान उत्पादों के प्रसार को पूरा किया और आपदा प्रबंधन गतिविधियों के लिए सहायता प्रदान की। नेविगेशन क्षेत्र में भारतीय बाजार में 30 से अधिक NavIC- सक्षम मोबाइल हैंडसेट जारी किए गए हैं। इसके अलावा, सभी प्रमुख मोबाइल चिपसेट निर्माताओं ने NavIC- सक्षम चिपसेट जारी किए हैं।
तीन नए मिशन पाइपलाइन में
उन्होंने कहा कि तीन नए अंतरिक्ष विज्ञान मिशन पाइपलाइन में हैं - 'दिशा', एक जुड़वां एरोनॉमी उपग्रह मिशन, वीनस मिशन और इसरो-सीएनईएस संयुक्त विज्ञान मिशन 'तृष्णा'। तृष्णा मिशन भूमि की सतह के तापमान के सटीक मानचित्रण के लिए है। सिवन ने कहा कि यह मिशन विश्व स्तर पर भी सर्वोत्तम रिजोल्यूशन और दोहराव पर तापमान डेटा प्रदान करने के लिए बेंचमार्क होगा।