कोरोना संकटः टाइप-टू डायबिटीज से पीड़िताें को रखना होगा खास ख्याल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वायरस बीमार लोगों के लिए खतरनाक है। एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि टाइप-टू डायबिटीज से पीड़ित लोगों के वायरस की चपेट में आने से अधिक खतरा है। हालांकि अच्छी बात ये है कि अनियंत्रित ब्लड शुगर वालों की तुलना में टाइप-टू डायबिटीज से पीड़ित लोगों का ब्लड शुगर पर बेहतर नियंत्रण होता है। सेल मेटाबॉलिज्म जर्नल में प्रकाशित वुहान यूनिवर्सिटी के रेमिन अस्पताल के शोध में डॉ. होंगलियांग ली का कहना है कि कोरोना से संक्रमित टाइप-टू डायबिटीज रोगियों में इस तरह के संकेत मिलें। अभी तक ये माना जा रहा है कि कोरोना से संक्रमित मधुमेह रोगियों की मौत की संभावना अधिक है।
शुगर लेवल का ध्यान रखना होगा
अध्ययन में पता चला है कि जिन मरीजों का ब्लड ग्लूकोज लेवल पर अच्छे से नियंत्रण था उनके ठीक होने के बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि टाइप-टू मधुमेह से पीड़ित लोगों को ब्लड शुगर लेवल का ध्यान रखना होगा और उसे नियंत्रित रखना होगा। संक्रमण हो गया है तो इस दौरान नियंत्रित रहे इसके लिए जरूरी सावधानी बरतनी होगी।
दूसरों की तुलना में हालात भी ठीक
कोरोना से संक्रमित टाइप-टू डायबिटीज के रोगियों की हालत दूसरे मरीजों की तुलना में ठीक भी रहती है। अध्ययन में पता चला है कि जिनका ब्लड शुगर पर नियंत्रण नहीं था उनकी तुलना में ऐसे कम रोगियों की मौत हुई। जिनका ब्लड शुगर पर नियंत्रण था उन्हें अतिरिक्त चिकित्सकीय सेवा की भी जरूरत नहीं पड़ी जैसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर सपोर्ट की। ऐसे लोगों में दूसरे लोगों की तुलना में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी कम थीं।