{"_id":"5e46513b8ebc3ee59c636c62","slug":"the-three-judge-bench-of-the-supreme-court-dismissed-the-dmk-s-petition","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएमके की याचिका पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई की: सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
डीएमके की याचिका पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई की: सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु सरकार
Fri, 14 Feb 2020 01:31 PM IST
Trainee Trainee
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 14 Feb 2020 01:31 PM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि विधानसभा अध्यक्ष ने डीएमके की याचिका पर कार्रवाई की है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि अध्यक्ष ने 2017 के विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी के खिलाफ मतदान करने वाले अन्नाद्रमुक के 11 विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग वाली याचिका पर कार्रवाई नहीं की। इन 11 विधायकों में उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम भी शामिल हैं।
विज्ञापन
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने दलील पर विचार किया और द्रमुक की याचिका का निस्तारण कर दिया। याचिका में पनीरसेल्वम और 10 अन्य विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग की गई है जिन्होंने पलानीस्वामी सरकार के खिलाफ मतदान किया था जब वे बागी खेमे में थे।
विज्ञापन
याचिका में दलील दी गई कि विश्वास मत के खिलाफ मतदान करके इन विधायकों ने सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा जारी व्हिप का उल्लंघन किया और इसलिए दल बदल विरोधी कानून के तहत इन्हें अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। मामले में द्रमुक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अमित आनंद तिवारी पेश हुए।
विज्ञापन