{"_id":"62444b7f9c7e1d27be517ab1","slug":"the-rajya-sabha-approved-a-bill-that-seeks-to-remove-the-bhogta-caste-from-the-list-of-scheduled-castes","type":"story","status":"publish","title_hn":"झारखंड: भोगता जाति को एससी सूची से हटाने वाला विधेयक राज्यसभा में पारित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झारखंड: भोगता जाति को एससी सूची से हटाने वाला विधेयक राज्यसभा में पारित
Wed, 30 Mar 2022 05:53 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 30 Mar 2022 05:53 PM IST
सार
जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए कहा, हम सदन में और अधिक राज्यों से संबंधित ऐसे संशोधन लाएंगे।
विज्ञापन
राज्यसभा में विधेयक को मंजूरी (file photo)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्यसभा ने बुधवार को एक विधेयक को मंजूरी दे दी जो भोगता जाति को अनुसूचित जाति (एससी) की सूची से हटाने और झारखंड के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में कुछ समुदायों को शामिल करने का प्रावधान करता है। संविधान (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक 2022 संसद के उच्च सदन में 7 फरवरी को पेश किया गया था। इसे बुधवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
विज्ञापन
जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए कहा, हम सदन में और अधिक राज्यों से संबंधित ऐसे संशोधन लाएंगे। हमने अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक के लिए ऐसे संशोधन किए हैं। अब उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा और झारखंड के मामले में किया जा रहा है। हम ओडिशा पर शोध कर रहे हैं। हमने छत्तीसगढ़ में काम पूरा कर लिया है, लेकिन हम कानून मंत्रालय द्वारा उस पर दी गई कुछ टिप्पणियों पर काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि केंद्र आदिवासी लोगों के विकास के बारे में चिंतित है और महत्वाकांक्षी जिला कार्यक्रम उस दिशा में एक कदम है क्योंकि मुख्य उद्देश्य अमीर और गरीब के बीच की खाई को पाटना है। मुंडा ने कहा, चाहे छत्तीसगढ़ हो, महाराष्ट्र हो या गुजरात, सभी राज्यों के लिए केंद्र गंभीरता से मुद्दों को हल करने के लिए काम कर रहा है। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि सरकार पश्चिम बंगाल, और तमिलनाडु, गोवा के विभिन्न समुदायों को शामिल करने की मांग पर स्थिति को साझा करेगी। विधेयक का उद्देश्य लोगों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के प्रावधानों से अधिक लाभ प्राप्त करने में मदद करना भी है।
विज्ञापन
अनुसूचित जाति आदेश विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनुसूचित जाति मानी जाने वाली जातियों, नस्लों और जनजातियों को निर्दिष्ट करता है, जबकि अनुसूचित जनजाति आदेश जनजातियों और आदिवासी समुदायों के लिए इसे निर्दिष्ट करता है। यह विधेयक झारखंड की अनुसूचित जनजाति सूची में देश्वरी, गंझू, दौतलबंदी (द्वालबंदी), पटबंदी, राउत, मझिया, खैरी (खीरी), तामरिया (तमाड़िया) और पूरन समुदायों को शामिल करने के लिए अनुसूचित जनजाति के आदेश में संशोधन करता है।