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नीति आयोग का सुझाव, पेट्रोल में मिलाएं मेथनॉल

Mon, 27 Mar 2017 06:10 AM IST
amarujala.com, presented by- संदीप भ्ाट्ट
amarujala.com, presented by- संदीप भ्ाट्ट Updated Mon, 27 Mar 2017 06:10 AM IST
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The policy commission suggested mixing three percent of methanol in petrol
सरकार के विचार समूह नीति आयोग ने ईंधन के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए मेथनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल का सुझाव दिया है। आयोग के मुताबिक, पेट्रोल में तीन प्रतिशत मेथनॉल मिलाया जाना चाहिए। इसके लिए उसने कैबिनेट नोट का मसौदा भी तैयार कर लिया है। 
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सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ‘नीति आयोग की एक विशेषज्ञ समिति ने पेट्रोल में मेथनॉल मिलाए जाने के लिए कैबिनेट नोट का मसौदा तैयार कर लिया है। अब इसे परिवहन मंत्रालय को उसकी टिप्पणियों के लिए भेजा जाएगा। आयोग का सुझाव है कि पेट्रोल में तीन प्रतिशत मेथनॉल मिलाया जाए।’ अधिकारी ने बताया कि चीन जैसे देश मेथनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक इस्तेमाल कर रहे हैं। मेथनॉल पेट्रोल का अच्छा विकल्प हो सकता है। 
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गत वर्ष, नीति आयोग के सदस्य और मेथनॉल समिति के अध्यक्ष वीके सारस्वत ने कहा था कि मेथनॉल के इस्तेमाल से न केवल पेट्रोल के आयात पर होने वाला खर्च कम होगा बल्कि इससे जलवायु परिवर्तन से जुड़ी दिक्कतों से भी निपटने में मदद मिलेगी। सारस्वत के अनुसार, भारत एक विकसित देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गैसीकरण के जरिए  कोयला भंडारों का इस्तेमाल मेथनॉल के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। गैर-खाद्य बायोमास का भी प्रचुर मात्रा में गैसीकरण कर मेथनॉल का उत्पादन हो सकता है। 
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एक ताजा अनुमान के मुताबिक, मेथनॉल के उत्पादन से भारत का कच्चे तेल के आयात पर होना वाला खर्च काफी कम किया जा सकता है। भारत इस पर प्रतिवर्ष छह लाख करोड़ रुपये खर्च करता है।


क्‍या है मेथनॉल -
यह एक विशुद्ध और रंगहीन तरल पदार्थ है। मेथनॉल प्राकृतिक गैस, कोयले और विभिन्न प्रकार के रिन्यूबल फीडस्टॉक्स से बनता है। इसे ‘वुड एल्कोहल’ भी कहा जाता है। मेथनॉल प्राकृतिक तौर पर बनने वाला और बायोडिग्रेडेबल है। भारत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल पहले ही शुरू कर चुका है। अमेरिका के मेथनॉल इंस्टीट्यूट के मुताबिक, चीन अपने ईंधन में 15-20 प्रतिशत मेथनॉल का मिश्रण करता है। 
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