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महाराष्ट्र में सरकार गठन की तस्वीर अब भी साफ नहीं, एनसीपी-कांग्रेस की बैठक आज

Wed, 20 Nov 2019 03:22 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 20 Nov 2019 03:22 AM IST
सार

  • एनसीपी और कांग्रेस की आज होगी बैठक, शिवसेना की बैठक 22 को
  • राउत बोले, शरद पवार को समझने में लेने होंगे 100 जन्म

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The picture is not clear about the early formation of government in Maharashtra
महाराष्ट्र की राजनीति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी गतिरोध जल्द खत्म होने का कोई संकेत नहीं है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक हो रही कवायद का अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। एनसीपी चीफ पवार की कांग्रेस के साथ मंगलवार को दिल्ली में होने वाली बैठक रद्द हो गई।

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अब बैठक बुधवार होगी। इसमें पवार के अलावा प्रफुल्ल पटेल और अजीत पवार रहेंगे। जबकि कांग्रेस से अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खरगे, पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण शामिल होंगे। दूसरी ओर, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को पार्टी विधायकों से मुलाकात की।
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उन्होंने 22 नवंबर को पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है। हालांकि एनसीपी नेता नवाब मलिक ने उम्मीद जताई है कि कांग्रेस के साथ बुधवार को होने वाली बैठक में शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने पर चर्चा हो सकती है।

इस बीच, एनसीपी प्रमुख शरद पवार की ‘हां’-‘न’ के बीच शिवसेना नेताओं की झुंझलाहट भी दिखने लगी है। सरकार गठन पर पवार के बयान पर शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, एनसीपी सुप्रीमो क्या कहते हैं, इसे समझने के लिए 100 बार जन्म लेना पड़ेगा।

राउत अपने आवास पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान एक पत्रकार ने उनसे शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी द्वारा सरकार गठन को लेकर पवार के लगभग ‘यू-टर्न’ लेने पर सवाल पूछा, जिसके जवाब में राउत ने यह प्रतिक्रिया दी।

राउत ने कहा, आपको पवार और हमारे गठबंधन को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। बहुत जल्द, दिसंबर की शुरुआत में, शिवसेना नीत गठबंधन सरकार महाराष्ट्र में सत्ता में होगी। यह एक स्थिर सरकार होगी। सरकार गठन को लेकर सेना को कोई संदेह नहीं है, लेकिन मीडिया इस पर संदेह पैदा कर रहा है।

सीटिंग अरेंजमेंट बदलने पर छलका दर्द

भाजपा पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा, वह शिवसेना थी, जिसने महाराष्ट्र में भाजपा को खड़ा किया, उसे सीट दी और हमेशा साथ रखा। अब भाजपा ने संसद में हमारे सांसदों के सीटिंग अरेजमेंट बदल दिया। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

इससे पहले राउत ने ट्वीट किया, ‘अगर जिंदगी में कुछ पाना हो तो तरीके बदलो, इरादे नहीं। जय महाराष्ट्र।’ उनके ट्वीट के सियासी गलियारों में कई मतलब निकाले जा रहे हैं। कुछ का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस-एनसीपी के खिलाफ लिखा है, जबकि कुछ इसे भाजपा के विरुद्ध बता रहे हैं।

दूसरी ओर, शिवसेना ने मुखपत्र ‘सामना’ में लिखा, जब राष्ट्रीय राजनीति में हिंदुत्ववादी और राष्ट्रवादी राजनीति के कारण कोई भाजपा के साथ नहीं खड़ा होता था। तब शिवसेना साथ रही।

 सावरकर को भारतरत्न देने का समर्थन

शिवसेना ने सावरकर को भारतरत्न देने के भाजपा के फैसले का समर्थन किया। राउत ने कहा कि हमने हमेशा वीर सावरकर को भारतरत्न का समर्थन किया है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी सावरकर के लिए भारतरत्न की मांग को दोहराया था।

उद्धव पांच साल रहेंगे सीएम

चर्चा यह भी है कि शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी में सरकार को लेकर सब तय हो गया है। सिर्फ घोषणा बाकी है। तीनों दलों में सहमति बनी है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव पांच साल के लिए मुख्यमंत्री होंगे। मुख्यमंत्री पद का बंटवारा नहीं होगा, जबकि कांग्रेस-एनसीपी के एक-एक उपमुख्यमंत्री रहेंगे। शिवसेना के 15, एनसीपी के 14 और कांग्रेस के 13 मंत्री होंगे। सूत्रों का कहना है कि उद्धव ने अयोध्या यात्रा इसलिए टाली ताकि मुद्दा आड़े न आए।
 

झगड़े से नुकसान होता है : भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भाजपा-शिवसेना की टूट के बीच कहा कि आपस में झगड़े से सिर्फ नुकसान होता है, यह जानने के बावजूद कुछ लोग झगड़ा करते हैं। नागपुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सबको पता है कि स्वार्थ बुरी बात है। लेकिन स्वार्थ का त्याग बहुत कम लोग करते हैं, आप चाहें तो लोगों का उदाहरण लें या देशों का। सब जानते हैं कि प्रकृति को नष्ट करने से मनुष्य भी नष्ट हो जाएगा, यह जानकर भी मनुष्य ने प्रकृति के साथ अपना व्यवहार बदला नहीं है।

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