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INS Tushil: भारतीय नौसेना में शामिल होने को तैयार है आईएनएस तुशिल, जानें इस युद्धपोत की खासियत
Fri, 06 Dec 2024 06:43 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 06 Dec 2024 06:43 PM IST
सार
इस युद्धपोत की लंबाई 409.5 फीट, बीम 49.10 फीट और ड्रॉट 13.9 फीट है। यह समुद्र में 59 किमी प्रति घंटे के रफ्तार से चल सकता है। यह समुद्र में 18 अधिकारियों समेत 180 सैनिकों को लेकर 30 दिनों तक रह सकता है।
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आईएनएस तुशिल
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भारतीय नौसेना नौ दिसंबर को रूस के कालिनिनग्राद में अपने नवीनतम मल्टी रोल स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेड, आईएनएस तुशिल को चालू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्य अतिथि के तौर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस सहारोह में उच्च स्तरीय भारतीय-रूसी सरकारी और रक्षा अधिकारी मौजूद रहेंगे।
जानिए आईएनएस तुशिल की खासियत
आईएनएस तुशिल प्रोजेक्ट 1135.6 का एक उन्नत क्रिवाक III श्रेणी का युद्धपोत है। इनमें से छह पहले से ही सेवा में हैं, जिसमें तीन तलवार श्रेणी के जहाज, बाल्टिस्की शिपयार्ड, सेंट पीटर्सबर्ग में निर्मित और तीन तीन फॉलो-ऑन तेग श्रेणी के जहाज, यंतर शिपयार्ड, कलिनिनग्राद में निर्मित हैं। आईएनएस तुशिल इस श्रृंखला में सातवां और दो उन्नत अतिरिक्त फॉलो-ऑन जहाजों में से पहला है। इसके लिए अक्तूबर 2016 में जेएससी रोसोबोरोनेक्सपोर्ट, भारतीय नौसेना और भारत सरकार के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे।
इन हथियारों से लैश हैं आईएनएस तुशिल
इस युद्धपोत की लंबाई 409.5 फीट, बीम 49.10 फीट और ड्रॉट 13.9 फीट है। यह समुद्र में 59 किमी प्रति घंटे के रफ्तार से चल सकता है। यह समुद्र में 18 अधिकारियों समेत 180 सैनिकों को लेकर 30 दिनों तक रह सकता है। आईएनएस तुशिल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से लैस हैं। इसमें 4 केटी-216 डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं। इसमें एक 100 मिलिमीटर की ए-190ई नेवल गन भी लगी है। इसके अलावा इसमें एक 76 मिमी की ओटो मेलारा नेवल गन और 2 एके-630 सीआईडब्ल्यूएस और 2 काश्तान सीआईडब्ल्यूएस गन लगी हैं।
इन खतरनाक बंदूकों के अलावा इस युद्धपोत में दो 533 मिलिमीटर की टॉरपीडो ट्यूब्स भी लगे हैं। इसमें एक रॉकेट लॉन्चर भी तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त इस जहाज पर एक कामोव-28 या एक कामोव-31 या ध्रुव हेलिकॉप्टर लैस हो सकता है।
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जानिए आईएनएस तुशिल की खासियत
आईएनएस तुशिल प्रोजेक्ट 1135.6 का एक उन्नत क्रिवाक III श्रेणी का युद्धपोत है। इनमें से छह पहले से ही सेवा में हैं, जिसमें तीन तलवार श्रेणी के जहाज, बाल्टिस्की शिपयार्ड, सेंट पीटर्सबर्ग में निर्मित और तीन तीन फॉलो-ऑन तेग श्रेणी के जहाज, यंतर शिपयार्ड, कलिनिनग्राद में निर्मित हैं। आईएनएस तुशिल इस श्रृंखला में सातवां और दो उन्नत अतिरिक्त फॉलो-ऑन जहाजों में से पहला है। इसके लिए अक्तूबर 2016 में जेएससी रोसोबोरोनेक्सपोर्ट, भारतीय नौसेना और भारत सरकार के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे।
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#WATCH | The Indian Navy is all set to commission its latest multi-role stealth-guided missile frigate, INS Tushil, at Kaliningrad, Russia, on December 9, 2024.
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The ceremony will be presided over by Raksha Mantri, Rajnath Singh, as the Chief Guest, with many high-ranking Russian… pic.twitter.com/cZAskPfUdh — ANI (@ANI) December 6, 2024
इन हथियारों से लैश हैं आईएनएस तुशिल
इस युद्धपोत की लंबाई 409.5 फीट, बीम 49.10 फीट और ड्रॉट 13.9 फीट है। यह समुद्र में 59 किमी प्रति घंटे के रफ्तार से चल सकता है। यह समुद्र में 18 अधिकारियों समेत 180 सैनिकों को लेकर 30 दिनों तक रह सकता है। आईएनएस तुशिल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से लैस हैं। इसमें 4 केटी-216 डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं। इसमें एक 100 मिलिमीटर की ए-190ई नेवल गन भी लगी है। इसके अलावा इसमें एक 76 मिमी की ओटो मेलारा नेवल गन और 2 एके-630 सीआईडब्ल्यूएस और 2 काश्तान सीआईडब्ल्यूएस गन लगी हैं।
इन खतरनाक बंदूकों के अलावा इस युद्धपोत में दो 533 मिलिमीटर की टॉरपीडो ट्यूब्स भी लगे हैं। इसमें एक रॉकेट लॉन्चर भी तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त इस जहाज पर एक कामोव-28 या एक कामोव-31 या ध्रुव हेलिकॉप्टर लैस हो सकता है।