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ECI: छह राज्यों की आठ विस सीटों पर विशेष सारांश पुनरीक्षण करा चुका है आयोग, एक अप्रैल से पांच मई तक चली कवायद

Fri, 11 Jul 2025 08:36 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 11 Jul 2025 08:36 AM IST
सार

बिहार में एसआईआर को लेकर उठे विपक्ष के सवालों के बीच सामने आया है कि चुनाव आयोग इस साल अप्रैल-मई में छह राज्यों की आठ सीटों पर एसएसआर के तहत मतदाता सूची की समीक्षा कर चुका है। उस दौरान भी आधार को पहचान दस्तावेज के रूप में शामिल नहीं किया गया था।

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The commission has already conducted a special summary review on eight assembly seats in six states
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष की तरफ से उठाए जा रहे सवालों के बीच निर्वाचन आयोग के दस्तावेज बताते हैं कि मतदाता सूचियों की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए उसने इस साल अप्रैल-मई में कुछ इसी तरह की कवायद की थी। हालांकि, उस दौरान विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसएसआर) प्रक्रिया अपनाई गई थी। आयोग ने उस समय छह राज्यों की आठ ऐसी विधानसभा सीटों के लिए विशेष सारांश पुनरीक्षण कराया था, जब उपचुनाव होने वाले थे।
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बता दें कि मतदाता सूचियों की यह समीक्षा एक अप्रैल 2025 को शुरू हुई थी और पांच मई को अंतिम प्रकाशन कर दिया गया था। इनमें से पांच सीटों कडी व विसावदर (दोनों गुजरात), कालीगंज (बंगाल), लुधियाना (पंजाब) और नीलांबुर (केरल) में उपचुनाव के लिए मतदान 19 जून को हुआ और नतीजे 23 जून को आए थे। मणिपुर की ताडूबी और जम्मू-कश्मीर की बडग्राम और नगरोटा सीटों पर उपचुनाव टल गए थे। आयोग ने इस विशेष सारांश पुनरीक्षण में भी आधार को मतदाता पहचानपत्र बनाने के अधिकृत दस्तावेजों में शामिल नहीं किया था।
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इस संबंध में आयोग ने जारी किया था आदेश

आयोग ने इस विशेष सारांश पुनरीक्षण के संबंध में जारी आदेश में कहा था कि मतदाता को संबंधित विधानसभा क्षेत्र का निर्वाचक घोषित करने के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) जिम्मेदार होगा। बिहार में एसआईआर की तरह ही इस एसएसआर में भी चुनाव अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी पात्र नागरिक न छूटे और कोई अपात्र मतदाता सूची में शामिल न रहे। संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 और 19 का पूरी तरह पालन किया जाए।

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बिहार में अब तक 66.16 फीसदी गणना प्रपत्र जमा
बिहार में एसआईआर में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी की वजह से अब तक 66.16 फीसदी गणना प्रपत्र आयोग के जमा कराए जा चुके हैं। आयोग ने बृहस्पतिवार को बताया कि मतदाताओं के पास अभी प्रपत्र जमा करने के लिए 15 दिन बचे हैं। लेकिन बृहस्पतिवार शाम 6 बजे तक 5,22,44,956 गणना प्रपत्र जमा कर लिए गए हैं, जो बिहार में कुल मौजूदा मतदाताओं (करीब 7.90 करोड़) का 66 फीसदी से अधिक है।
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