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बिहार: शहीद जवान मोजाहिद के अंतिम दर्शन के लिए जुटी भीड़, नहीं पहुंचा कोई मंत्री-नेता

Wed, 14 Feb 2018 12:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 14 Feb 2018 12:17 PM IST
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the body of martyr crpf jawan mujahid khan reached home town arrah bihar
आरा पहुंचा शहीद जवान मोजाहिद का पार्थिव शरीर - फोटो : ANI

जम्मू कश्मीर के करन नगर जिले में CRPF कैंप पर आतंकी हमले में भारतीय जवान मोजाहिद खान शहीद हो गए। बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके गृह नगर आरा (बिहार) पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए मोजाहिद खान के घर पर हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। 49वीं बटालियन के जवान ने देश की रक्षा करते हुए अपनी जान दांव पर लगा दी लेकिन उनके अंतिम दर्शन के लिए न तो किसी सियासतदान ने सुध ली और न ही वहां उनका नुमाइंदा पहुंचा। 

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इलाके के विधायक जरूर शहीद के घर पहुंचे थे लेकिन उस वक्त तक शहीद का पार्थिव शरीर उनके घर नहीं लाया गया था। नेताओं के इस व्यवहार से मोजाहिद के परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि देश के लिए जान देने वाले वीर जवान के लिए सांसदों और जन प्रतिनिधियों के पास समय नहीं है। हालांकि इलाके के एसडीओ पार्थिव शरीर के साथ परिवार वालों से मिलने पहुंचे थे।  
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मोजाहिद खान, सितंबर 2011 में सीआरपीएफ की 49वीं बटालियन में शामिल हुए थे। केरल के पलीपुरम में मोजाहिद ने ट्रेनिंग ली थी, इसके बाद हैदराबाद में उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी और फिर वह श्रीनगर चले गए थे। उनके परिवार वाले कहते हैं कि मोजाहिद के अंदर बचपन से ही देश प्रेम की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। 
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तेजस्वी ने साधा निशाना 

जवानों की शहादत पर सियासत भी शुरू हो चुकी है। नेताओं के उदासीन रवैये को लेकर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने लिखा कि बिहार के दो जाबांज सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए लेकिन नीतीश सरकार का एक भी मंत्री जवानों को श्रद्धांजलि देने किए अंतिम संस्कार में सम्मिलित नहीं हुआ। उन्होंने लिखा कि नीतीश जी संघ के वकील न बनें। 

 


शहीद होने के दो घंटे पहले हुई थी परिवार से बात 

सोमवार की तड़के सुबह जम्मू कश्मीर के करन नगर में आतंकियों ने सीआरपीएफ कैंप पर धावा बोल दिया था। बंदूकधारी आतंकी कैंप के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे लेकिन गेट पर तैनात जवानों ने आतंकियों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया। आतंकियों को छिपने के लिए मजबूर करने वाले जवानों में मोजाहिद का नाम शामिल था। शहीद होने के 2 घंटे पहले मोजाहिद ने अपने परिवार वालों से बात की थी। 


शहीद जवान मोजाहिद ने सोमवार सुबह 9.30 बजे अपने परिवार से बात की थी। अपने मां, पिता और भाभी से बातचीत के दौरान मोजाहिद ने मुस्कुराते हुए बताया कि यहां गोलीबारी चल रही है, और कब क्या हो जाए, कहा नहीं जा सकता। मोजाहिद ने बात करने के दौरान यह कह कर फोन काट दिया था कि साहब का फोन आ रहा है। यहां गोली बारी हो रही है। मोजाहिद के बात करने के दो घंटे बाद परिवार के पास मैसेज आया कि मोजाहिद वीरगति को प्राप्त हो गया।

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