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Maharashtra: बीमा कंपनी को 30 लाख की दावा राशि का भुगतान करने का आदेश, उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला

Sat, 04 Feb 2023 05:22 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे Published by: गुलाम अहमद Updated Sat, 04 Feb 2023 05:22 PM IST
सार

उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पाया कि सर्वेक्षक रिपोर्ट में कहा गया था कि घटिया गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण स्लैब ढह गया था। जब भी किसी संपत्ति पर बीमा लिया जाता है, तो बैंक और बीमा कंपनी संरचना की आयु का पता लगाने के लिए सभी दस्तावेजों को सावधानीपूर्वक सत्यापित करती है।

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Thane Consumer panel orders insurance firm to pay Rs 30 lakh claim for building slab collapse Maharashtra
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

महाराष्ट्र के ठाणे में अतिरिक्त जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह परिवादी (शिकायतकर्ता) को 30 लाख रुपये की दावा राशि का भुगतान करे। शिकायतकर्ता ने इमारत का स्लैब गिरने के कारण फ्लैट को हुए नुकसान के लिए बीमा राशि के भुगतान का दावा किया था। आयोग ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को आदेश के 45 दिनों के भीतर दावा राशि का भुगतान करने को कहा है। अगर कंपनी भुगतान करने में विफल रहती है तो प्रति वर्ष नौ प्रतिशत तक अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

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उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 20 जनवरी को यह आदेश पारित किया था, लेकिन इसकी प्रति शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई। आयोग ने नवी मुंबई के निवासी शिकायतकर्ता दीपक गोलिकर को मुकदमे के पीछे हुए नुकसान के लिए 50,000 रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया।
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शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि उसने अगस्त 2019 में एसबीआई से 45.68 लाख रुपये का ऋण लेकर नवी मुंबई के कोपरखैरणे में एक फ्लैट खरीदा था। उस समय, बीमा कंपनी ने उनसे अगस्त 2019 से अगस्त 2029 की अवधि के लिए 30 लाख रुपये की राशि के लिए आवास नीति के लिए संपर्क किया था।
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बीमा कंपनी ने उन्हें बताया था कि अगर आग, भूकंप या दुश्मन के हमले में फ्लैट क्षतिग्रस्त या नष्ट हो जाता है तो बीमा पॉलिसी सभी जोखिमों को कवर करेगी। एक दिसंबर, 2020 को इमारत का एक स्लैब गिरने से उसका फ्लैट क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद उन्हें किराये का मकान लेना पड़ा। दुर्घटना के बाद, दीपक गोलिकर ने दावा पेश किया, लेकिन बीमा कंपनी ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का रुख किया था।


घटिया गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री के इस्तेमाल से गिरा था स्लैब 
आयोग ने जांच में पाया कि सर्वेक्षक रिपोर्ट में कहा गया था कि घटिया गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण स्लैब ढह गया था। जब भी किसी संपत्ति पर बीमा लिया जाता है, तो बैंक और बीमा कंपनी संरचना के जीवन का पता लगाने के लिए सभी दस्तावेजों को सावधानीपूर्वक सत्यापित करती है। बीमा कंपनी को दावे का भुगतान करने का आदेश देते हुए आयोग ने कहा कि सबूतों पर विचार करते हुए बीमा दावे को खारिज करने के लिए कोई ठोस आधार नहीं था।  

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