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कभी करगिल में युद्ध तो अब राजोरी हमला!: भारत की हर पहल पर सामने आया PAK का आतंकी चेहरा, पढ़ें धोखे की हर कहानी
Sat, 06 May 2023 02:25 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sat, 06 May 2023 02:25 PM IST
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धोखेबाज पाकिस्तान
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AMAR UJALA
विस्तार
जम्मू कश्मीर के राजोरी में शुक्रवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। हमला जिले के कंडी क्षेत्र में हुआ जब आतंकियों के खिलाफ सेना एक ऑपरेशन चला रही थी। राजोरी की घटना में सेना के पांच जवान शहीद हो गए। यह दहशतगर्दी उस वक्त हुई जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भारत यात्रा पर थे। इस घटना के बाद से एक बार फिर आशंका जताई जा रही है कि आतंकियों ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए दौरे को निशाना बनाया है।आइये जानते हैं कब-कब भारत पाकिस्तान के बीच दौरे हुए, इस दौरान कौन सी आतंकी घटनाएं घटीं? भारत ने इनका जवाब कैसे दिया?
नवाज शरीफ और अटल बिहारी वाजपेयी।
- फोटो :
अमर उजाला
करगिल युद्ध
भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान से रिश्ते बेहतर करने के लिए दिल्ली से लाहौर तक 'सदा ए सरहद' बस सर्विस 19 फरवरी 1999 शुरू की थी। इसकी शुरुआत करते हुए अटल बिहारी खुद पहले पैसेंजर के तौर पर पाकिस्तान गए थे, वो भी बस में बैठकर। साल 1999 में सरकार बनने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी दो दिवसीय (19-20 फरवरी) दौरे पर पाकिस्तान गए थे।
वाघा बॉर्डर पर भारत-पाकिस्तान सीमा पर उस वक्त के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने वाजपेयी का स्वागत किया था। यहां उन्होंने नवाज शरीफ से मुलाकात कर आपसी संबंधों की नई शुरुआत की बात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच लाहौर घोषणापत्र नामक द्विपक्षीय समझौता भी हुआ था, लेकिन कुछ महीने बाद ही पाकिस्तानी घुसपैठ के कारण भारत ने करगिल युद्ध लड़ा था। इस युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया।
एक तरफ अटल बिहारी रिश्ते बेहतर करने की दूसरी तरफ पाकिस्तान बातचीत के ढोंग के साथ करगिल में घुसपैठियों को भेज रहा था।
भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान से रिश्ते बेहतर करने के लिए दिल्ली से लाहौर तक 'सदा ए सरहद' बस सर्विस 19 फरवरी 1999 शुरू की थी। इसकी शुरुआत करते हुए अटल बिहारी खुद पहले पैसेंजर के तौर पर पाकिस्तान गए थे, वो भी बस में बैठकर। साल 1999 में सरकार बनने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी दो दिवसीय (19-20 फरवरी) दौरे पर पाकिस्तान गए थे।
वाघा बॉर्डर पर भारत-पाकिस्तान सीमा पर उस वक्त के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने वाजपेयी का स्वागत किया था। यहां उन्होंने नवाज शरीफ से मुलाकात कर आपसी संबंधों की नई शुरुआत की बात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच लाहौर घोषणापत्र नामक द्विपक्षीय समझौता भी हुआ था, लेकिन कुछ महीने बाद ही पाकिस्तानी घुसपैठ के कारण भारत ने करगिल युद्ध लड़ा था। इस युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया।
एक तरफ अटल बिहारी रिश्ते बेहतर करने की दूसरी तरफ पाकिस्तान बातचीत के ढोंग के साथ करगिल में घुसपैठियों को भेज रहा था।
वाजपेयी और मुशर्रफ
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SOCIAL MEDIA
संसद हमला
मुहब्बत की निशानी ताजमहल के शहर आगरा में जुलाई 2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी और पाकिस्तान राष्ट्रपति मुशर्रफ के बीच आगरा शिखर बैठक के तहत वार्ता हुई। 15-16 जुलाई 2001 को भारत और पाकिस्तान के बीच होटल जेपी पैलेस में यह शिखर वार्ता हुई। परवेज मुशर्रफ के साथ अटल बिहारी वाजपेयी की यह वार्ता फेल रही। इसके चंद महीने बाद दिसंबर 2001 में दिल्ली स्थित भारतीय संसद भवन पर आतंकवादी हमला हो गया जिसमें पांच आतंकी समेत 14 लोग मारे गए। इस आतंकी हमले के पीछे मोहम्मद अफजल गुरु, एसए आर गिलानी और शौकत हुसैन समेत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई शामिल थे। 12 साल बाद नौ फरवरी 2013 को अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी।
मुहब्बत की निशानी ताजमहल के शहर आगरा में जुलाई 2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी और पाकिस्तान राष्ट्रपति मुशर्रफ के बीच आगरा शिखर बैठक के तहत वार्ता हुई। 15-16 जुलाई 2001 को भारत और पाकिस्तान के बीच होटल जेपी पैलेस में यह शिखर वार्ता हुई। परवेज मुशर्रफ के साथ अटल बिहारी वाजपेयी की यह वार्ता फेल रही। इसके चंद महीने बाद दिसंबर 2001 में दिल्ली स्थित भारतीय संसद भवन पर आतंकवादी हमला हो गया जिसमें पांच आतंकी समेत 14 लोग मारे गए। इस आतंकी हमले के पीछे मोहम्मद अफजल गुरु, एसए आर गिलानी और शौकत हुसैन समेत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई शामिल थे। 12 साल बाद नौ फरवरी 2013 को अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी।
प्रणब मुखर्जी शाह महमूद कुरैशी
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मुंबई हमला
नवंबर 2008 में, पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी दिल्ली दौरे पर आए थे। उस वक्त तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और कुरैशी के बीच उच्चस्तरीय बैठक होनी थी। हालांकि, इससे पहले ही मुंबई में आतंकी हमला हो गया जिससे यह बैठक बीच में ही रद्द हो गई। इस आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे।
नवंबर 2008 में, पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी दिल्ली दौरे पर आए थे। उस वक्त तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और कुरैशी के बीच उच्चस्तरीय बैठक होनी थी। हालांकि, इससे पहले ही मुंबई में आतंकी हमला हो गया जिससे यह बैठक बीच में ही रद्द हो गई। इस आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे।
PM मोदी, शरीफ
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पठानकोट हमला
25 दिसंबर, 2015 को पाकिस्तान प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के जन्मदिन पर अचानक पीएम मोदी अफगानिस्तान से लौटते समय काबुल से लाहौर पहुंचे और नवाज शरीफ के निवास जट्टी उमरा रायविंड पैलेस पहुंचे। यह मुलाकात डेढ़ घंटे चली। इसके बाद भी वादाखिलाफी हुई जब 2 जनवरी, 2016 को पठानकोट और उरी में 18 सितंबर 2016 को आतंकी हमले हुए। पठानकोट हमले में एयरबेस के अंदर सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे, जबकि करीब 37 अन्य लोग घायल हो गए थे। हमला करने आए सभी आतंकी मारे गए थे। वहीं, उरी हमले में 17 सैनिक शहीद हुए थे। हमले के 11 दिन बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद लांच पैडों पर सर्जिकल स्ट्राइक की। इस कार्रवाई में 150 से ज्यादा पाकिस्तान समर्थित आतंकी मारे गए।
25 दिसंबर, 2015 को पाकिस्तान प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के जन्मदिन पर अचानक पीएम मोदी अफगानिस्तान से लौटते समय काबुल से लाहौर पहुंचे और नवाज शरीफ के निवास जट्टी उमरा रायविंड पैलेस पहुंचे। यह मुलाकात डेढ़ घंटे चली। इसके बाद भी वादाखिलाफी हुई जब 2 जनवरी, 2016 को पठानकोट और उरी में 18 सितंबर 2016 को आतंकी हमले हुए। पठानकोट हमले में एयरबेस के अंदर सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे, जबकि करीब 37 अन्य लोग घायल हो गए थे। हमला करने आए सभी आतंकी मारे गए थे। वहीं, उरी हमले में 17 सैनिक शहीद हुए थे। हमले के 11 दिन बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद लांच पैडों पर सर्जिकल स्ट्राइक की। इस कार्रवाई में 150 से ज्यादा पाकिस्तान समर्थित आतंकी मारे गए।
SCO summit: Pakistan FM Bilawal Bhutto with FM S Jaishankar
- फोटो :
Agency
राजोरी हमला
गुरुवार चार मई को गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो दो दिन की भारत यात्रा पर आए थे। इस बीच, शुक्रवार को जम्मू संभाग के जिला राजोरी के कंडी इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस घटना के दौरान सेना के पांच जवान शहीद हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशेष सूचना पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जैसे ही संयुक्त टीमें संदिग्ध स्थान पर पहुंचीं, छिपे हुए आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी, जवाबी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ शुरू हो गई। आतंकियों ने एक विस्फोटक उपकरण दागा जिसकी चपेट में आकर पांच जवान शहीद हो गए।
वहीं, हमले के बाद राजोरी के केसरी हिल इलाके में जारी सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है जबकि अन्य के जख्मी होने की सूचना है। आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। उत्तरी कमान प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी पूरे ऑपरेशन की कमान संभाले हुए हैं।
गुरुवार चार मई को गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो दो दिन की भारत यात्रा पर आए थे। इस बीच, शुक्रवार को जम्मू संभाग के जिला राजोरी के कंडी इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस घटना के दौरान सेना के पांच जवान शहीद हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशेष सूचना पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जैसे ही संयुक्त टीमें संदिग्ध स्थान पर पहुंचीं, छिपे हुए आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी, जवाबी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ शुरू हो गई। आतंकियों ने एक विस्फोटक उपकरण दागा जिसकी चपेट में आकर पांच जवान शहीद हो गए।
वहीं, हमले के बाद राजोरी के केसरी हिल इलाके में जारी सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है जबकि अन्य के जख्मी होने की सूचना है। आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। उत्तरी कमान प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी पूरे ऑपरेशन की कमान संभाले हुए हैं।