फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Terrorists like Hafiz Saeed did not get legal provisions due to limitation of FEOA Act

Parliamentary Panel: FEOA अधिनियम की सीमा के कारण बच रहे हाफिज सईद जैसे आतंकी, नहीं हो पा रही कानूनी कार्रवाई

Mon, 26 Dec 2022 07:12 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 26 Dec 2022 07:12 PM IST
सार

संसदीय समिति ने कहा है कि ऐसे में आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिये 100 करोड़ रूपये की सीमा के संबंध में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 में संशोधन के लिये वित्त मंत्रालय के साथ विदेश मंत्रालय सक्रिय रूप से कदम उठाएं।

विज्ञापन
Terrorists like Hafiz Saeed did not get legal provisions due to limitation of FEOA Act
संसद का शीतकालीन सत्र - फोटो : Social Media

विस्तार

सरकार ने संसद की एक समिति को जानकारी दी है कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के प्रावधानों को हाफिज सईद और कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के विरूद्ध लागू नहीं किया जा सका है। सरकार ने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि ऐसा इसलिए नहीं हो सका है क्योंकि इन मामलों से संबंधित अपराध में शामिल धनराशि 8.93 करोड़ रूपये और 11.26 करोड़ रूपये थी ।

विज्ञापन

‘विदेशों के साथ प्रत्यर्पण संधियों, शरण संबंधी मुद्दों, अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा और वित्तीय अपराधों के मुद्दों सहित भारत और अंतरराष्ट्रीय कानून’ विषय पर विदेश मामलों संबंधी स्थायी समिति के नौंवे प्रतिवेदन की सिफारिशों पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
विज्ञापन


इस पर संसदीय समिति ने कहा है कि ऐसे में आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिये 100 करोड़ रूपये की सीमा के संबंध में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 में संशोधन के लिये वित्त मंत्रालय के साथ विदेश मंत्रालय सक्रिय रूप से कदम उठाएं। गौरतलब है कि विदेश मामलों संबंधी स्थायी समिति की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के सांसद पी पी चौधरी कर रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विदेश मंत्रालय ने समिति को बताया कि अब तक प्रवर्तन निदेशालय ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत केवल 14 व्यक्तियों के विरूद्ध याचिका दायर की है। इसके अलावा, ईडी ने 35 व्यक्तियों के संबंध में रेड कार्नर नोटिस (आरसीएन) जारी करने के लिये आवेदन किया था, जिनमें से अब तक 19 अभियुक्तों के खिलाफ आरसीएन जारी कराये गए हैं। समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक अपराधों की अन्य श्रेणियों के लिये इस सीमा को 100 करोड़ रूपये की मौजूदा सीमा से कम करके 10 करोड़ रूपये किया जा सकता है।


कश्मीरी शिकारा मालिकों के लिये पुनर्वास नीति बनाने की सिफारिश 
संसद की एक समिति ने सरकार से कश्मीर के शिकारा मालिकों के लिये पुनर्वास नीति तैयार करने की सिफारिश की है। जिन शिकारा मालिकों के लिए संसदीय समिति ने यह सिफारिश की है उनमें वे लोग शामिल हैं जो अपना पारंपरिक कारोबार छोड़कर आजीविका का वैकल्पिक अवसर तलाश करना चाहते हैं। गृह मंत्रालय से संबंधित स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed