रसायनों की ऑनलाइन खरीदारी के लिए आतंकी कश्मीर में युवकों का सहारा ले रहे: एनआईए
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पिछले वर्ष हुए पुलवामा हमले की जांच करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने खुलासा किया है कि जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठन विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन सहित अन्य सामग्री ऑनलाइन खरीदने के लिए कश्मीर में युवकों का सहारा ले रहे हैं।
पुलवामा आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले की जांच के बाद हाल ही में 19 वर्षीय वजीर सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने पूछताछ के दौरान अधिकारियों को जानकारी दी कि जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठन किस तरह से लोगों को कट्टर बना रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वजीर पर ऑनलाइन अल्मुनियम पाउडर, ऊंचाई वाले इलाकों में इस्तेमाल किए जाने वाले जैकेट, मोबाइल बैटरी बैंक, पवर्तारोहण वाले जूते ऑनलाइन खरीदने के आरोप हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अल्युमुनियम पाउडर काफी ज्वलनशील होता है और व्यावसायिक खनन में इसका इस्तेमाल विस्फोटक के तौर पर किया जाता है। पहले इसका इस्तेमाल कैमरा का फ्लैश तैयार करने में होता था।
वजीर ने अल्युमुनियम पाउडर को जैश ए मोहम्मद के आतंकवादियों को सौंपा और आतंकवादियों ने इसका इस्तेमाल 14 फरवरी के आत्मघाती हमले में किया, जब विस्फोटकों से भरी कार ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया जिसमें 40 जवान शहीद हो गए।
उससे पूछताछ में यह भी पता चला कि जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी किस तरह से युवकों का ‘ब्रेनवाश’ कर रहे हैं और उन्हें आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने के लिए तैयार कर रहे हैं। सभी षड्यंत्रकारियों के मारे जाने के बाद मामला लगभग रुक गया था
तभी एनआईए को आतंकवादी आदिल अहमद डार के उस मकान के बारे में जानकारी मिली, जहां उसने अपना अंतिम दुष्प्रचार वीडियो शूट किया था जिसे पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन ने बाद में जारी किया था। डार ही विस्फोटकों से भरी कार को चला रहा था।
एनआईए को 28 फरवरी को मामले में बड़ा सुराग हाथ लगा, जब इसने 22 वर्षीय शाकिर बशीर मागरे को गिरफ्तार किया। वह पुलवामा के काकापोरा में हाजीबल का निवासी है और उसकी फर्नीचर की दुकान है।
मागरे ने आत्मघाती बम हमलावर आदिल को पनाह दी थी और अन्य साजो सामान मुहैया कराए थे। पाकिस्तान के आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक ने उसकी पहचान आदिल से मध्य 2018 में कराई थी और फिर वह जैश ए मोहम्मद के लिए पूरी तरह से काम करने लगा था।
एनआईए ने इस महीने चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें तारिक अहमद शाह, उसकी बेटी इशां जान, वजीर उल इस्लाम और मोहम्मद अब्बास राठेर शामिल हैं। मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या पांच हो गई है।