कानपुर ट्रेन हादसे के पीछे आतंकी-नक्सली गठजोड़
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पुखरायां में 20 नवंबर को हुए इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे में आईएसआई और नक्सली गठजोड़ का खुलासा हुआ है। करीब 25 दिन पहले पुलिस ने जौनपुर से रेलवे ट्रैक के आसपास से संदिग्ध व्यक्ति बसंत कुमार को पकड़ा था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि सुरेश कुमार नाम के एक युवक ने रेलवे लाइन काटने, क्लिप निकालने और नट-बोल्ट खोलने का प्रशिक्षण लिया है।
उसने यह प्रशिक्षण इलाहाबाद और बनारस के आसपास लिया था। इस खुलासे के बाद डीजीपी मुख्यालय की ओर से रेलवे और यूपी पुलिस को सतर्क कर दिया गया था। आईएसआई के इशारे पर रेल हादसा करने वाले बिहार के मोतिहारी में गिरफ्तार हुए तीन आतंकियों में से मोती पासवान नक्सली है। ऐसे में आतंकी और नक्सली गठजोड़ का खुलासा हुआ है। मंधना में 31 दिसंबर की रात रेल पटरी काटने की साजिश भी इसी गठजोड़ का नतीजा माना जा रहा है।
फर्जी ट्रैकमैन, गैंगमैन के रूप में हो सकते हैं
फर्जी ट्रैकमैन, गैंगमैन के रूप में हो सकते हैं
पुलिस को इनपुट मिला है कि आतंकियों ने रेलवे की पटरियों को काटने की ट्रेनिंग ली है। कानपुर और उसके आसपास रेलमार्ग पर रेलवे के फर्जी ट्रैकमैन और गैंगमैन भी सक्रिय हैं। जो ट्रैक की देखरेख के नाम पर किसी साजिश को अंजाम दे सकते हैं। हालांकि जब इन्हें पकड़ा जाता है तो रेलवे का सामान चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज कर आरपीएफ और जीआरपी खानापूरी कर लेती है।
चार जनवरी को भी जूही जीएमसी यार्ड में अंसार नाम का फर्जी रेलवे गैंगमैन पकड़ा गया था। इसके पास से एनसीआरएमयू का यूनियन कार्ड बरामद हुआ था। सुजातगंज के पास रहने वाले इस युवक ने बताया था कि वह शांति नगर में अब्बू कबाड़ी की दुकान में रेलवे का माल चोरी कर बेचता है।
गणतंत्र दिवस के पहले बड़ी साजिश की थी योजना
डीजीपी मुख्यालय ने सभी जिलों और रेलवे को इनपुट मुहैया कराकर आगाह किया था कि गणतंत्र दिवस के पहले रेलवे लाइन को नुकसान पहुंचाकर बड़ा रेल हादसा किया जा सकता है।