फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Telecom bill 2023 introduced in Lok Sabha now Government can control services during emergency

लोकसभा में टेलीकॉम विधेयक पेश: 138 साल बाद होगा बदलाव, राष्ट्रहित में दूरसंचार-नेटवर्क पर रोक लगा सकेगी सरकार

Tue, 19 Dec 2023 12:06 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 19 Dec 2023 12:06 AM IST
सार

दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से पेश इस विधेयक को असांविधानिक बताते हुए बसपा सांसद रितेश पांडे ने गहन चर्चा की जरूरत बताई। तब वैष्णव ने कहा, चर्चा के दौरान सरकार सभी आपत्तियों का जवाब देगी। नया विधेयक भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885, भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम 1933 और टेलीग्राफ तार (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम 1950 की जगह लेगा।

विज्ञापन
Telecom bill 2023 introduced in Lok Sabha now Government can control services during emergency
संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में पेश किया विधेयक। - फोटो : x.com

विस्तार

संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। इस दौरान सरकार ने 138 साल पुराने भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम सहित तीन कानूनों की जगह लेने वाले दूरसंचार विधेयक को सोमवार को लोकसभा में पेश किया। यह विधेयक लागू होने पर सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी देश या व्यक्ति के टेलीकॉम सेवा से जुड़े उपकरणों को निलंबित या प्रतिबंधित करने का अधिकार होगा। इससे आपात स्थिति में मोबाइल सेवाओं और नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा।
विज्ञापन


विधेयक के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के हित के खिलाफ काम करने, अवैध फोन टैपिंग, अनधिकृत डाटा स्थानांतरण या दूरसंचार नेटवर्क तक पहुंच की कोशिश पर तीन साल तक की कारावास की सजा या 2 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। या फिर दोनों ही सजा हो सकती है। केंद्र सरकार ऐसे व्यक्ति की दूरसंचार सेवा को निलंबित या समाप्त भी कर सकती है। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से पेश इस विधेयक को असांविधानिक बताते हुए बसपा सांसद रितेश पांडे ने गहन चर्चा की जरूरत बताई। तब वैष्णव ने कहा, चर्चा के दौरान सरकार सभी आपत्तियों का जवाब देगी। यह नया विधेयक भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885, भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम 1933 और टेलीग्राफ तार (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम 1950 की जगह लेगा।
विज्ञापन


लाइसेंस विवाद का तत्काल निपटारा
लाइसेंस से जुड़े नियमों-शर्तों के उल्लंघन की जांच के लिए निर्णय तंत्र बनेगा। इससे जुड़ा अधिकारी जांच कर आदेश पारित कर सकेगा।

विज्ञापन के लिए पूर्व अनुमति जरूरी
विधेयक के अनुसार कंपनियों को प्रचार-विज्ञापनों के प्रसार के लिए उपभोक्ताओं की पूर्व अनुमति लेनी होगी। अधिक मूल्य की वसूली पर ट्राई सही कीमत तय करेगा। साथ ही, जांच के साथ कार्रवाई भी कर सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ओटीटी दूरसंचार सेवाओं की परिभाषा से होगा बाहर
नए विधेयक में उद्योग जगत की चिंताओं का ख्याल रखते हुए ओवर द टॉप (ओटीटी) या इंटरनेट आधारित कॉलिंग और मैसेजिंग को दूरसंचार की परिभाषा में नहीं रखा गया है। इससे व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे संचार सेवा मुहैया कराने वाली कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी।

स्पेक्ट्रम आवंटन का प्रस्ताव
इस मसौदा कानून से दूरसंचार कंपनियों के लिए कई अहम नियम सरल तो होंगे ही, इसके जरिये उपग्रह सेवाओं के लिए भी नए नियम भी लाए जाएंगे। इसमें उपग्रह स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए गैर-नीलामी का मार्ग उपलब्ध कराने के प्रावधान हैं। परिभाषित किया गया है कि किस परिस्थिति में प्रशासनिक तरीके से स्पेक्ट्रम आवंटित किए जाएंगे।


प्रतिबंधित होने पर ही प्रेस संदेशों पर लगेगी रोक
विधेयक के अनुसार, केंद्र या राज्य सरकारों से मान्यता प्राप्त संवाददाताओं के भारत में प्रकाशन के लिए जारी किए गए प्रेस संदेशों को तब तक रोका नहीं जाएगा, जब तक कि उनके प्रसारण को सार्वजनिक आपातकाल, सार्वजनिक व्यवस्था के लिए लागू नियमों के तहत प्रतिबंधित नहीं किया गया हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed