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Telangana: पुलिस ने कई अपहरण के आरोप में दो पेशेवर अपराधियों को किया गिरफ्तार, भाजपा पार्षद का है करीबी सहयोगी
Sun, 16 Oct 2022 02:14 AM IST
देव कश्यप
एएनआई, हैदराबाद।
एएनआई, हैदराबाद।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 16 Oct 2022 02:14 AM IST
सार
अपराधियों में से एक की पहचान वनस्थलीपुरम निवासी पुनीत तिवारी के रूप में हुई है। वह बद्दाम प्रेम महेश्वर रेड्डी (Baddam Prem Maheshwar Reddy) का करीबी सहयोगी है, जो भाजपा नेता और गद्दीयानाराम नगर निगम के पार्षद हैं। पुनीत, प्रेम महेश्वर के अन्य मित्रों और पार्टी कार्यकर्ताओं का भी करीबी परिचित है। जबकि दूसरा आदतन अपराधी है और पुनीत का दोस्त है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : ANI
विस्तार
तेलंगाना पुलिस ने हाल ही में अपहरण के एक दो मामले में शनिवार को दो पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक बयान में कहा कि आम जनता, विशेष रूप से व्यवसायियों की सुरक्षा और सुरक्षा की भावना सुनिश्चित करने के लिए और आयुक्त कार्यालय के दायरे में सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान चलाए जा रहे हैं। इस दौरान अपहरण की घटना को अंजाम देने वाले दो कुख्यात अपराधियों को सीपी, राचकोंडा द्वारा अपराध निवारक निरोध अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है और उन्हें केंद्रीय कारागार, चेरलापल्ली भेज दिया गया है।
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भाजपा नेता और पार्षद प्रेम महेश्वर रेड्डी का करीबी है आपराधी
अपराधियों में से एक की पहचान वनस्थलीपुरम निवासी पुनीत तिवारी के रूप में हुई है। वह बद्दाम प्रेम महेश्वर रेड्डी (Baddam Prem Maheshwar Reddy) का करीबी सहयोगी है, जो भाजपा नेता और गद्दीयानाराम नगर निगम के पार्षद हैं। पुनीत, प्रेम महेश्वर के अन्य मित्रों और पार्टी कार्यकर्ताओं का भी करीबी परिचित है। 2012 में वनस्थलीपुरम इलाके में जबरन वसूली के एक मामले में वह शामिल था, इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 382 के तहत सीआर संख्या 1018/2012 वनस्थलीपुरम थाने में दर्ज है।
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जबरन वसूली के मामले लिप्त
पुलिस के अनुसार, पुनीत जबरन वसूली के मामले में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है। पुनीत अपने दोस्तों और बद्दाम प्रेम महेश्वर रेड्डी के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से बदला लेने का भी काम करता है और आसानी से पैसा कमाने के लिए अपहरण की घटना को अंजाम देता है। दूसरे अपराधी की पहचान मोरूपोजू रवि वर्मा (Morupoju Ravi Verma) उर्फ रवि के रूप में हुई है। वह आदतन अपराधी है और पुनीत तिवारी का करीबी दोस्त है। 2012 से, वह राचकोंडा सीमाक्षेत्र और तेलंगाना के अन्य हिस्सों में कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
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उसे 2019 में पीडी एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया था और केंद्रीय कारागार, चेरलापल्ली में रखा गया था। लेकिन बाहर आने के बाद वह फिर से इसी तरह की गतिविधियों में शामिल हो गया।हाल ही में दोनों सरूरनगर थाना क्षेत्र में हुए अपहरण के दो मामलों में शामिल थे। पहले मामले में 28 अगस्त को आरोपित और उनके साथियों ने शारदा थिएटर सरूरनगर से 36 वर्षीय कारोबारी का अपहरण किया और कार में बैठाकर पार्षद प्रेम महेश्वर रेड्डी के पास ले गए। उन्होंने कोटेश्वर राव नाम के एक व्यक्ति के साथ आर्थिक मामला सुलझाने के लिए कारोबारी की अंधाधुंध पिटाई की थी।इस मामले में आईपीसी की धारा 364, 367, 342, 324, 506 आर/डब्ल्यू 34 के तहत सरूरनगर थाने में सीआर संख्या- 752/2022 दर्ज किया गया था।
दूसरे मामले में पार्षद प्रेम महेश्वर रेड्डी के निर्देश पर आरोपितों ने दो सितंबर को सरूरनगर के गद्दीयानाराम से दोपहर ढाई बजे 21 वर्षीय युवक का अपहरण कर लिया था। वे उसे नलगोंडा जिले के चिंतापल्ली मंडल में एक सुनसान इलाके में ले गए ताकि आसानी से पैसा कमाने के लिए पीड़ित को गंभीर चोट पहुंचाई जा सके और उसकी हत्या की जा सके।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित युवक के पिता लक्ष्मीनारायण का अपने ही भाई के साथ संपत्ति के संबंध में विवाद है और पार्षद के साथ उनकी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी है। इसलिए, पीड़ित के चाचा मुरली और पार्षद प्रेम महेश्वर रेड्डी ने लक्ष्मीनारायण या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को खत्म करने का फैसला किया और आरोपी व्यक्तियों को यह काम सौंपा। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने में सफल रही और उनके योजना को अंजाम देने से पहले ही पीड़ित को सकुशल बचा लिया गया। दो सितंबर को सरूरनगर पुलिस ने दोनों आरोपियों और उसके साथियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार और मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया था।
15 अक्तूबर को, उन्हें क्षेत्र में इस तरह के जघन्य अपराध करने से रोकने और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने की दृष्टि से निरंतर आधार पर राचकोंडा के पुलिस आयुक्त महेश एम भागवत ने हिरासत में लेने के आदेश दिए। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर केंद्रीय कारागार, चेरलापल्ली भेज दिया गया।