न्यूज डायरी: आंध्र में पाकिस्तान से जुड़े दो जासूस गिरफ्तार; भूटान के लिए असम में बनेगा अस्थायी आव्रजन पोस्ट
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को गोपनीय जानकारी मुहैया कराने के आरोप में आंध्र प्रदेश पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस जासूसी कांड में अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर चार हो गई है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बोंगु रवि और कादरी श्रीनिवास के रूप में हुई है। जांच अधिकारियों के अनुसार, विशाखापत्तनम स्थित नौसेना डॉकयार्ड की एक इंजीनियरिंग कंपनी के कर्मचारी रवि से 2023 में फेसबुक पर एंजेल पायल नाम की एक अज्ञात महिला ने संपर्क साधा था। उसने खुद को दुबई की एक शिपिंग कंपनी का कर्मचारी बताया और पैसों का लालच देकर नौसैनिक डॉकयार्ड में मौजूद युद्धपोतों और पनडुब्बियों से संबंधित संवेदनशील जानकारियां जुटाने का प्रलोभन दिया। रवि ने अपने सहयोगी कादरी श्रीनिवास के साथ मिलकर इस प्रतिबंधित रक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े अहम विवरण उस महिला को भेजे। इसके बदले रवि के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए, जिसका एक हिस्सा उसने श्रीनिवास को भी दिया। यह मामला विशाखापत्तनम के मलकपुरम थाने में भारतीय न्याय संहिता और शासकीय गोपनीयता अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। रवि को गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था, जबकि श्रीनिवास घटना के समय सऊदी अरब चला गया था। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सहयोग से श्रीनिवास को सऊदी अरब से लौटते समय दिल्ली हवाई अड्डे पर पकड़ा गया। मामले में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है और आगे की जांच जारी है।
भूटान के लिए असम के हतिसार में बनेगा अस्थायी आव्रजन पोस्ट
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने असम के हतीसार को एक अस्थायी अधिकृत इमिग्रेशन चेक पोस्ट घोषित किया है। यह व्यवस्था भूटान में आयोजित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम प्रोजेक्ट 108 में शामिल होने वाले यात्रियों के लिए की गई है। यह कार्यक्रम असम सीमा से लगे भूटान के सरपांग जिले के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में आयोजित किया जा रहा है। यह विशेष सुविधा 24 अक्तूबर से 6 नवंबर 2026 तक चालू रहेगी। इस दौरान यह चेक पोस्ट ई-वीजा से लैस होगा, जिससे वैध यात्रा दस्तावेज वाले भूटान और अन्य तीसरे देशों के नागरिकों को भारत में प्रवेश और निकास की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना के तहत एक ही दिन में 108 जांगचूब चोरतेन (स्तूप) बनाए जाएंगे। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम में दुनिया भर से बौद्ध भिक्षु, शिक्षक और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।