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तेलंगाना सुरंग हादसा: फंसे सात लोगों की खोज में जुटी विशेष टीम, रोबोट और हाईटेक उपकरण से तेज हुआ अभियान
Sat, 15 Mar 2025 06:19 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: शुभम कुमार
Updated Sat, 15 Mar 2025 06:19 PM IST
सार
22 फरवरी को तेलंगाना में हुए सुरंग हादसे में फंसे सात लोगों का तलाशी अभियान अभी भी जारी है। अभियान में आज खास मशीनरी का इस्तेमाल किया गया, जिससे अभियान को गति मिली। साथ ही अब सुरंग के अंदर फंसे सात लोगों को निकालने के लिए स्वायत्त हाइड्रोलिक-संचालित रोबोट का उपयोग किया जा रहा है।
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तेलंगाना सुरंग हादसा
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
तेलंगाना में ध्वस्त एसएलबीसी सुरंग फंसे सात लोगों की तलाश शनिवार को लगातार 22वें दिन भी जारी है। तलाशी अभियान में शनिवार को खास मशीनरी का इस्तेमाल किया गया, जिससे अभियान को गति मिली। मामले में अधिकारियों ने बताया कि अब सुरंग के अंदर फंसे सात लोगों को निकालने के लिए स्वायत्त हाइड्रोलिक-संचालित रोबोट का उपयोग किया जा रहा है, जो मिट्टी और मलबे को तेजी से हटाने में मदद कर रहा है। इसके अलावा, 30 एचपी क्षमता वाला लिक्विड रिंग वैक्यूम पंप और वैक्यूम टैंक मशीन जैसे उपकरण भी सुरंग के भीतर से मलबा हटाने के लिए काम कर रहे हैं।
तलाशी अभियान में जुटी हैं कई एजेंसिया
इस अभियान में सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), खनन कंपनियां, और रोबोटिक्स विशेषज्ञ भी शामिल हैं। मिट्टी और मलबे को हटाने के लिए कन्वेयर बेल्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे प्रति घंटे 620 क्यूबिक मीटर मलबा बाहर निकाला जा सकता है। यह अभियान चौबीसों घंटे चल रहा है और सुरंग में पानी निकालने की कोशिश भी की जा रही है।
ये भी पढ़ें:- Jairam Ramesh: ठीक होने के बाद धनखड़ 17 मार्च से फिर संभालेंगे राज्यसभा की अध्यक्षता, जयराम रमेश ने दी जानकारी
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सात लोगों की तलाश अभी भी जारी
गौरतलब है कि बीते 22 फरवरी को एसएलबीसी परियोजना की सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद इंजिनियर और मजदूर समेत आठ लोग फंस गए थे। बचाव अभियान शुरू किया गया। इसके बाद 9 मार्च को टीबीएम ऑपरेटर गुरप्रीत सिंह का शव बरामद किया गया था और उनके परिवार को सौंप दिया गया। इसके अलावा अभी भी सात लोग सुरंग में फंसे हुए हैं, जिनमें मनोज कुमार (उत्तर प्रदेश), सनी सिंह (जम्मू-कश्मीर), गुरप्रीत सिंह (पंजाब), और झारखंड के संदीप साहू, जेगता जेस और अनुज साहू शामिल हैं।
ये भी पढ़ें:- Ranya Rao Case: 'सोने की तस्करी में राज्य पुलिस अधिकारी की भूमिका', डीआरआई ने अदालत में किए सनसनीखेज खुलासे
दो मार्च को सीएम ने किया था सुरंग का दौरा
सुरंग में फंसे लोगों को निकालने में हो रही परेशानियों को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 2 मार्च को सुरंग का दौरा किया था। साथ ही उन्होंने बचावकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रोबोट का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। बता दें कि लापता व्यक्तियों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। साथ ही बचाव कार्य में मदद के लिए 110 बचावकर्मियों को भी तैनात किया गया है। हालांकि सुरंग के अंदर पानी और कीचड़ की वजह से बचाव कार्य में चुनौती आ रही है, इसलिए तेलंगाना सरकार ने रोबोट के उपयोग का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
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तलाशी अभियान में जुटी हैं कई एजेंसिया
इस अभियान में सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), खनन कंपनियां, और रोबोटिक्स विशेषज्ञ भी शामिल हैं। मिट्टी और मलबे को हटाने के लिए कन्वेयर बेल्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे प्रति घंटे 620 क्यूबिक मीटर मलबा बाहर निकाला जा सकता है। यह अभियान चौबीसों घंटे चल रहा है और सुरंग में पानी निकालने की कोशिश भी की जा रही है।
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सात लोगों की तलाश अभी भी जारी
गौरतलब है कि बीते 22 फरवरी को एसएलबीसी परियोजना की सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद इंजिनियर और मजदूर समेत आठ लोग फंस गए थे। बचाव अभियान शुरू किया गया। इसके बाद 9 मार्च को टीबीएम ऑपरेटर गुरप्रीत सिंह का शव बरामद किया गया था और उनके परिवार को सौंप दिया गया। इसके अलावा अभी भी सात लोग सुरंग में फंसे हुए हैं, जिनमें मनोज कुमार (उत्तर प्रदेश), सनी सिंह (जम्मू-कश्मीर), गुरप्रीत सिंह (पंजाब), और झारखंड के संदीप साहू, जेगता जेस और अनुज साहू शामिल हैं।
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दो मार्च को सीएम ने किया था सुरंग का दौरा
सुरंग में फंसे लोगों को निकालने में हो रही परेशानियों को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 2 मार्च को सुरंग का दौरा किया था। साथ ही उन्होंने बचावकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रोबोट का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। बता दें कि लापता व्यक्तियों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। साथ ही बचाव कार्य में मदद के लिए 110 बचावकर्मियों को भी तैनात किया गया है। हालांकि सुरंग के अंदर पानी और कीचड़ की वजह से बचाव कार्य में चुनौती आ रही है, इसलिए तेलंगाना सरकार ने रोबोट के उपयोग का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
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