फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Telangana second most poor performing state in curbing corruption in availing public services

भ्रष्टाचार में तमिलनाडु अव्वल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश भी पीछे नहीं

Sat, 19 May 2018 01:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 19 May 2018 01:37 PM IST
विज्ञापन
Telangana second most poor performing state in curbing corruption in availing public services
प्रतीकात्मक तस्वीर

सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का सबसे भ्रष्ट राज्य तेलंगाना और आंध्र प्रदेश है। सीएमएस  इंडिया करप्शन स्टडी 2018 के अनुसार तेलंगाना देश का दूसरा जबकि आंध्र प्रदेश चौथा भ्रष्ट राज्य है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन राज्यों में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए बहुत कम कदम उठाए गए हैं। सीएमएस इंडिया के आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि सभी राज्यों में किए गए अध्य्यन का 12 वां राउंड है। कौन कितना भ्रष्ट राज्य है इसके लिए टीम ने कई मापदंड बनाए थे। हमारे मापदंडों में भ्रष्ट राज्यों में सबसे भ्रष्ट तमिलनाडु है और वह पहले स्थान पर है। 

विज्ञापन


श्रीवास्तव ने बताया, हमारी सूचि में जिन राज्यों को भ्रष्टता के मामले में सबसे अधिक अंक मिले  हैं उनके पास भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कोई मजबूत तंत्र मौजूद नहीं है। इन कमजोर राज्यों की सूची में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश आते हैं, जहां बेहतर अमल की जरूरत है। इसके अलावा पंजाब और गुजरात भी कमजोर राज्यों की श्रेणी में हैं। वहीं राजस्थान, कर्नाटक और दिल्ली की पहचान मध्यम राज्यों के तौर पर हुई है।
विज्ञापन

इस अध्ययन से यह भी पता चला है कि महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और बिहार के नागरिक आवाज बुलंद करने में काफी सक्रिय रहते हैं वहीं आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में समाज बहुत कम भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अध्ययन के दौरान तेलंगाना के 73 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्होंने पिछले एक साल के दौरान सार्वजनिक सेवाओं के लिए अधिकारियों को घूस दी है। व्यापक तौर पर पूरे देश के 75 प्रतिशत घरों ने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं में एक साल के दौरान भ्रष्टाचार या तो बढ़ा है या फिर पहले जितना ही है। हालांकि जब 2005 की सार्वजनिक सेवाओं के आंकड़ों से इसकी तुलना की गई तो आधे घरों ने माना कि उन्होंने घूस दी है।

बता दें कि सबसे ज्यादा करप्शन स्वास्थ्य, हॉस्पिटल, पुलिस, हाउसिंग, ट्रांसपोर्ट सर्विस सहित पुलिस जमकर वसूली करते हैं। वहीं बातचीत के दौरान सात फीसदी लोगों ने बताया कि उन्होंने आधार कार्ड बनवाने के लिए और तीन फीसदी लोगों ने  मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए भी घूस दी है। श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से लेकर एफआईआर रजिस्टर कराने तक के लिए लोगों को घूस का सहारा लेना पड़ता है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed