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तेलंगाना सरकार ने निजी अस्पतालों और लैब को दी कोरोना के उपचार और जांच की अनुमति, तय किया शुल्क
Mon, 15 Jun 2020 05:28 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: Rohit Ojha
Updated Mon, 15 Jun 2020 05:28 PM IST
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के चंद्रशेखर राव (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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तेलंगाना सरकार ने राज्य के निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस की जांच करने की छूट देने के बाद सोमवार को निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में कोरोना की जांच और उपचार के लिए मूल्य निर्धारित किए हैं। तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ईटेला राजेंदर ने इसका एलान किया। तेलंगाना में निजी अस्पतालों में कोरोना जांच के लिए 2,200 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
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इसके अलावा यदि बिना वेंटिलेटर के इलाज किया जाता है तो हर दिन 7,500 रुपये लिए जा सकते हैं। यदि वेंटिलेटर के साथ इलाज किया जाता है तो 9,000 रुपये ही लिए जाएंगे। साथ ही निजी अस्पतालों के वार्डों में कोरोना मरीजों का इलाज किया जाता है तो हर दिन 4,000 रुपये लिए जाएंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि थोड़ी सी भी आशंका हो तो भी कोरोना की जांच की जाएगी।
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स्वास्थ्य मंत्री ईटेला राजेंदर कहा कि आईसीएमआर के निर्देशानुसार ही कोरोना की जांच की जाएगी और इसका पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि चूंकि कुछ एंटी-वायरल इंजेक्शन की लागत 40,000 से 50,000 रुपये की सीमा में है, इसलिए इस तरह के उपचार के लिए अलग से शुल्क लिया जा सकता है।
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मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने बताया कि राज्य में सामुदायिक संक्रमण का कोई खतरा नहीं है और न ही उतनी तेजी से कोरोना के मामले फैल रहे हैं। लॉकडाउन हटाने के बाद से कोरोना के मामले जरूर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना प्रति दिन लगभग 7,500 परीक्षण करने की स्थिति में है। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ साफ कहा कि दूसरी बार लॉकडाउन लगाने का सरकार का उद्देश्य नहीं है। कोरोना से बचने के लिए लोगों को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए।