Telangana: टीआरएस सरकार राज्यपाल सुंदरराजन के खिलाफ प्रस्ताव पेश करने की बना रही योजना, ये हैं आरोप
तेलंगाना सरकार राज्यपाल डॉ तमिलिसाई सुंदरराजन के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश करने पर विचार कर रही है। केसीआर सरकार का कहना है कि राज्य विधानसभा द्वारा लाए गए कई विधेयकों के प्रति राज्यपाल की ओर से कथित अड़ियल रवैया आपनाए जाने को लकर यह विचार किया जा रहा है।
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तेलंगाना सरकार राज्यपाल के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश करने पर विचार कर रही है। राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के एक नेता ने कहा कि तेलंगाना सरकार दो महीने से अधिक समय पहले राज्य विधानसभा द्वारा लाए गए कई विधेयकों के प्रति राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन के कथित अड़ियल रवैये के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश करने पर विचार कर रही है। नाम न छापने की शर्त पर नेता ने कहा कि यह प्रस्ताव विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पारित किया जाएगा। शीतकालीन सत्र दिसंबर के दूसरे सप्ताह में शुरू होने की संभावना है।
टीआरएस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने राज्य के विधायी मामलों के मंत्री वेमुला प्रशांत रेड्डी को दिसंबर में एक हफ्ते तक चलने वाले विधानसभा सत्र की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इस सत्र में एक और प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसमें केंद्र से संविधान के अनुच्छेद 200 में संशोधन के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया जाएगा। जिसमें विधायिका द्वारा पारित विधेयकों पर निर्णय लेने के लिए राज्यपालों को एक विशिष्ट समय सीमा तय करने का प्रस्ताव होगा, भले ही वे कुछ आधारों पर विधेयकों को स्वीकृत या अस्वीकार करने का निर्णय लेते हों।
14 सितंबर को तेलंगाना विधानसभा ने आठ विधेयक पारित किए थे। इनमें से एक विधेयक 15 राज्य विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए एक सामान्य भर्ती बोर्ड के गठन को लेकर है, राज्यपाल इन विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। आठ बिलों में से सात राजभवन की ओर से लंबित हैं, जो मुख्यमंत्री राव और राज्यपाल सुंदरराजन के बीच मतभेदों के संभावित विस्तार का संकेत देता है।
राज्यपाल ने उन्हें एक विधेयक- तेलंगाना माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2022 को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक में जून में केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार माल और सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में कुछ और वस्तुओं को शामिल करने की मांग की गई थी। हालांकि, सात विधेयक अभी भी राज्यपाल की सहमति का इंतजार कर रहे हैं।
इन सात विधेयकों को राज्यपाल की सहमति का इंतजार
- वानिकी विश्वविद्यालय तेलंगाना विधेयक 2022।
- आजमाबाद औद्योगिक क्षेत्र (पट्टे की समाप्ति और विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2022।
- तेलंगाना नगरपालिका कानून (संशोधन) विधेयक -2022।
- तेलंगाना सार्वजनिक रोजगार (सेवानिवृत्ति की आयु का विनियमन) ( संशोधन) विधेयक 2022।
- तेलंगाना विश्वविद्यालय सामान्य भर्ती बोर्ड विधेयक 2022।
- तेलंगाना मोटर वाहन कराधान (संशोधन) विधेयक 2022।
- और तेलंगाना राज्य निजी विश्वविद्यालय (स्थापना और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2022।
राजभवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहले कहा था कि राज्यपाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रत्येक फाइल को देखेंगे। केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे कई गैर-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अतीत में संबंधित राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी देने में राज्यपाल की देरी पर चिंता जताई है।