Tejashwi Yadav: लोकतंत्र और समृद्धि बोलने में लड़खड़ाई तेजस्वी की जुबां
तेजस्वी यादव का एक भाषण इंटरनेट पर फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसमें वह बीच में ही अटक गए।
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बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह पर मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लिखा हुआ भाषण पढ़ने में अटकते दिखे। तेजस्वी के भाषण के दौरान सबकी नजर उनके अटकने पर टिक गई। कई शब्दों को वो ठीक से नहीं पढ़ पा रहे थे।
उन्होंने बोला कि ....लोकतंत्र में... समाक्ष कई चुनौतियां हैं, लेकिन हम सामूहिक प्रयास और संकल्प से छलतंत्र से बचा सकते हैं। हमारे पुरखे ने लोकतंत्र की हमारे लोकतंत्र की समृद्ध विरासत सौंपी आवश्यकता है कि हम इसे मिलकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के जड़ों को और मजबूत बना और विधानसभा की शताब्दी बना और विधानसभा की शताब्दी वर्ष के यही चुनौतियां भी हैं और अवसर भी हैं। ये शब्द हैं विहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के एक भाषण के जो इंटरनेट पर फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है।
माननीय प्रधानमंत्री जी,
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 12, 2022
हमारे राज्य के वैशाली से ही लोकतंत्र बाकी जगहों पर प्रसारित हुआ। अतः School of Democracy & Legislative Studies जैसी एक संस्था बिहार में स्थापित हो। जिसके माध्यम से विधायी और लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं पर शोध एवं अध्ययन के अवसर और प्रशिक्षण दिया जा सके। pic.twitter.com/ySIEO3ZEff