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गुजराती लोगों पर विवादित बयान: सुप्रीम कोर्ट से तेजस्वी यादव को राहत, मानहानि केस में सुनवाई अब जनवरी में
Mon, 06 Nov 2023 06:48 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 06 Nov 2023 06:48 PM IST
सार
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कई महीने पहले गुजराती लोगों पर विवादित बयान दिया था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई है। अदालत में मामले की सुनवाई जनवरी, 2024 में होगी।
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आपराधिक मानहानि मामले में तेजस्वी को सुप्रीम कोर्ट से तात्कालिक राहत (फाइल)
- फोटो : ANI
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विस्तार
बिहार के उपमुख्यमंत्री को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गुजराती लोगों पर दिए विवादित बयान मामले में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि शिकायत की कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है। अदालत फिलहाल इस मामले की सुनवाई नहीं करेगी। दो जजों की खंडपीठ ने जनवरी, 2024 में तेजस्वी के मुकदमे की सुनवाई का आदेश पारित किया।
आपराधिक मानहानि की शिकायत गुजरात में दायर
राजद नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कथित तौर पर "केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं" बयान दिया था। उच्चतम न्यायालय ने इस टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ गुजरात में दायर आपराधिक मानहानि शिकायत की कार्यवाही पर सोमवार को रोक लगा दी।
दो जजों की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?
शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति एएस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ अहमदाबाद में एक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष लंबित मामले को गुजरात के बाहर दिल्ली में स्थानांतरित करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई। पीठ ने नोटिस जारी किया और राजद नेता की याचिका पर गुजरात के उस व्यक्ति से जवाब मांगा, जिसने यादव के खिलाफ मानहानि की शिकायत दायर की है।
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जनवरी में होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने वकील अजय विक्रम सिंह के माध्यम से मामले को स्थानांतरित करने की मांग की। शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई जनवरी में तय की। बता दें कि कथित आपराधिक मानहानि के लिए यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 के तहत गुजरात की एक अदालत में शिकायत दर्ज की गई थी।
निचली अदालत ने तेजस्वी को समन करने का आधार पाया
गुजरात की अदालत ने अगस्त में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 202 के तहत तेजस्वी यादव के खिलाफ प्रारंभिक जांच की थी। एक स्थानीय व्यवसायी और कार्यकर्ता हरेश मेहता की तरफ से दायर शिकायत पर निचली अदालत ने तेजस्वी को समन करने के लिए पर्याप्त आधार पाया था।
आठ महीने पुराने बयान पर मानहानि की शिकायत
शिकायत के अनुसार, यादव ने मार्च 2023 में पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा था, "वर्तमान स्थिति में केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं, और उनकी धोखाधड़ी को माफ कर दिया जाएगा। अगर वे एलआईसी या बैंकों का पैसा लेकर भाग गए तो कौन जिम्मेदार होगा?" बिहार के डिप्टी सीएम की कथित टिप्पणी के बाद मेहता ने अपनी शिकायत में दावा किया कि इस बयान से उनका अपमान होने के साथ-साथ सभी गुजरातियों की बदनामी हुई है।
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आपराधिक मानहानि की शिकायत गुजरात में दायर
राजद नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कथित तौर पर "केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं" बयान दिया था। उच्चतम न्यायालय ने इस टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ गुजरात में दायर आपराधिक मानहानि शिकायत की कार्यवाही पर सोमवार को रोक लगा दी।
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दो जजों की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?
शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति एएस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ अहमदाबाद में एक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष लंबित मामले को गुजरात के बाहर दिल्ली में स्थानांतरित करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई। पीठ ने नोटिस जारी किया और राजद नेता की याचिका पर गुजरात के उस व्यक्ति से जवाब मांगा, जिसने यादव के खिलाफ मानहानि की शिकायत दायर की है।
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जनवरी में होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने वकील अजय विक्रम सिंह के माध्यम से मामले को स्थानांतरित करने की मांग की। शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई जनवरी में तय की। बता दें कि कथित आपराधिक मानहानि के लिए यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 के तहत गुजरात की एक अदालत में शिकायत दर्ज की गई थी।
निचली अदालत ने तेजस्वी को समन करने का आधार पाया
गुजरात की अदालत ने अगस्त में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 202 के तहत तेजस्वी यादव के खिलाफ प्रारंभिक जांच की थी। एक स्थानीय व्यवसायी और कार्यकर्ता हरेश मेहता की तरफ से दायर शिकायत पर निचली अदालत ने तेजस्वी को समन करने के लिए पर्याप्त आधार पाया था।
आठ महीने पुराने बयान पर मानहानि की शिकायत
शिकायत के अनुसार, यादव ने मार्च 2023 में पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा था, "वर्तमान स्थिति में केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं, और उनकी धोखाधड़ी को माफ कर दिया जाएगा। अगर वे एलआईसी या बैंकों का पैसा लेकर भाग गए तो कौन जिम्मेदार होगा?" बिहार के डिप्टी सीएम की कथित टिप्पणी के बाद मेहता ने अपनी शिकायत में दावा किया कि इस बयान से उनका अपमान होने के साथ-साथ सभी गुजरातियों की बदनामी हुई है।