भारत की ताकत बढ़ी, हवा से हवा में मिसाइल दागने में तेजस सफल
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स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने शुक्रवार को सफलतापूर्वक हवा से हवा में मिसाइल दाग कर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इसके सफल परीक्षण से स्वदेशी मिसाइल तकनीक ताकतवर तो हुई ही उसे दृश्यता के पार जाकर मारक क्षमता (बियोंड विजुअल रेंज) भी हासिल हो गई है। यह परीक्षण सभी मानदंडों पर खरा उतरा है।
यह सफल परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर परीक्षण केंद्र में हवाई लक्ष्य को भेद कर हुआ। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस परीक्षण का उद्देश्य तेजस पर एवियोनिक्स, फायर कंट्रोल राडार, लांचर और मिसाइल शस्त्र प्रणाली के साथ डर्बी मिसाइल प्रणाली के एकीकरण की मारक क्षमता का आकलन करना था। लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने और उसको पूरी तरह तबाह करने के लिए परीक्षण को बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि यह परीक्षण सभी मानकों पर खरा उतरा है और योजना के मुताबिक यह अपने मकसद में कामयाब रहा। तेजस के विकास को लड़ाकू विमान बनाने की देश की क्षमता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि सब कुछ सामान्य रहा तो अगले साल तेजस वायुसेना में पुराने मिग 21 विमान का स्थान ले लेगा।
तेजस की खासियत
तेजस का कुल वजन 6540 किलोग्राम है। सिंगल इंजन वाले इस विमान को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तैयार किया है। यह 50 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है और एक बार में 3000 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है।
तेजस हवा में ही ईंधन भर सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें नौ तरह के हथियार लोड किए जा सकते हैं, जिनमें हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हवा से पानी में मार करने वाली मिसाइल, हवा से धरती पर मार करने वाली मिसाइल और लेजर गाइडेड मिसाइल आदि शामिल हैं।