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सोनिया-राहुल के खिलाफ फिर खुलेगा 100 करोड़ के आयकर का मामला, भाजपा का हमला
Sat, 16 Nov 2019 09:22 PM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 16 Nov 2019 09:22 PM IST
सार
- कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लगा झटका
- आयकर न्यायाधिकरण ने ‘यंग इंडिया’ को चैरिटेबल ट्रस्ट बताने का दावा किया खारिज
- न्यायाधिकरण ने आदेश में कहा कि यह व्यावसायिक ट्रस्ट है
- सोनिया और राहुल दोनों यंग इंडिया के निदेशक हैं।
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विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को आयकर न्यायाधिकरण से झटका लगा है। न्यायाधिकरण ने यंग इंडिया को चैरिटेबल ट्रस्ट बताने के गांधी परिवार के दावे को खारिज कर दिया। अब उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपये का आयकर का मामला फिर खुल सकता है।
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गांधी परिवार ने दावा किया था कि यंग इंडिया चैरिटेबल ट्रस्ट है और उसे आयकर में छूट मिलनी चाहिए। न्यायाधिकरण ने आदेश में कहा कि यह व्यावसायिक ट्रस्ट है। इसके द्वारा ऐसा कोई काम नहीं किया गया है जो चैरिटेबल श्रेणी में हो।
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न्यायाधिकरण ने सुनवाई के दौरान पाया कि कांग्रेस ने यंग इंडिया को कर्ज दिया, जिससे उसने एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड के साथ मिलकर व्यापार किया। एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड नेशनल हेराल्ड अखबार का संचालन करता है।
सोनिया और राहुल दोनों यंग इंडिया के निदेशक हैं। दोनों के पास कंपनी की 36 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के पास 600 शेयर हैं।
कांग्रेस ने 2017 में दिल्ली हाईकोर्ट अर्जी देकर बताया था कि यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चैरिटेबल कंपनी है। इस साल जनवरी में आयकर विभाग ने सोनिया और राहुल को नोटिस जारी कर 100 करोड़ रुपये कर चुकाने को कहा था। आयकर के आकलन के अनुसार, गांधी परिवार ने जो रिटर्न दाखिल किया था, उसमें 300 करोड़ रुपये के आयकर की जानकारी ही नहीं थी।
वाड्रा मॉडल के बाद विकास का परिवार मॉडल हुआ उजागर: भाजपा
इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल के यंग इंडियन को गैर लाभकारी संस्था के गांधी परिवार को दावे को खारिज करने के मामले ने भाजपा को नया सियारी हथियार दे दिया है। इस मामले पर अचानक हमलावर हुई भाजपा ने सोनिया और राहुल गांधी को भ्रष्ट करार देते हुए कहा कि यह विकास का वाड्रा मॉडल के बाद विकास का परिवार मॉडल है।
शनिवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भाजपा मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर कहा कि अब इसपर न्यायिक मुहर लग गई है कि गांधी परिवार धन इकट्ठा करने के लिए संस्थाओं का गठन करती है। प्रसाद के मुताबिक परिवार और धंधा साथ साथ चलता है। गौरतलब है कि आईटी ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार को गांधी परिवार के उस दावे को खारिज कर दिया था कि यंग इंडियन एक गैर लाभकारी संस्था है। इस आधार पर इसे आयकर की छूट मिलती रही थी।
प्रसाद ने कहा कि यह परिवार आपको सिखाता है कि किस तरह से 50 लाख रुपये के निवेश से 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक बना जा सकता है। प्रसाद के मुताबिक 2000 करोड़ एक अनुमान है। यह आंकड़ा इससे कही ज्यादा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार है। लिहाजा कांग्रेस को भ्रष्टाचार पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। अब कांग्रेस की करतूतों से पर्दा उठ गया है।