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तरुण संवाद: भीमा-कोरेगांव हिंसा पर क्या सोचता है देश का किशोर वर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:01 PM IST
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अमर उजाला टीवी एक नयी पहल कर रहा है। शनिवार से शुरू होने वाले 'तरुण संवाद' के तहत हम किशोरों से अपने खास कार्यक्रम में चर्चा करेंगे। कार्यक्रम की पहली कड़ी में हम भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले पर चर्चा कर उनकी राय जानेंगे। उल्लेखनीय है कि हाल ही में भीमा-कोरेगांव हिंसा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में हुई 5 एक्टिविस्ट की गिरफ्तारी के बाद ये सवाल उठने लगा है कि क्या सरकार लोकतंत्र में आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है?
यह विवाद कुछ हद तक विचारधारा की लड़ाई में तब्दील होता नजर आ रहा है। एक तरफ जहां सुरक्षा एजेंसियां इसे गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत की गई गिरफ्तारी बता रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियां और देश का एक बड़ा तबका इसे आवाज को दबाने की साजिश बता रहा है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले की सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी की है। अपना फैसला सुनाते हुए जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, 'विरोध लोकतंत्र का सुरक्षित द्वार है। यदि आप सुरक्षित द्वार मुहैया नहीं करवाएंगे तो प्रेशर कुकर फट जाएगा।'
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उल्लेखनीय है कि इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने बीते मंगलवार को सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, अरुण फेरेरा, वरनन गोनसाल्वेस और पी वरवरा राव को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार हुए इन 5 वामपंथी विचारकों का माओवादियों से संबंध हैं। वहीं शुक्रवार को महाराष्ट्र के एडीजी (कानून और व्यवस्था) परमवीर सिंह ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई सबूतों के आधार पर की गई है।
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यह विवाद कुछ हद तक विचारधारा की लड़ाई में तब्दील होता नजर आ रहा है। एक तरफ जहां सुरक्षा एजेंसियां इसे गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत की गई गिरफ्तारी बता रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियां और देश का एक बड़ा तबका इसे आवाज को दबाने की साजिश बता रहा है।
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले की सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी की है। अपना फैसला सुनाते हुए जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, 'विरोध लोकतंत्र का सुरक्षित द्वार है। यदि आप सुरक्षित द्वार मुहैया नहीं करवाएंगे तो प्रेशर कुकर फट जाएगा।'
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उल्लेखनीय है कि इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने बीते मंगलवार को सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, अरुण फेरेरा, वरनन गोनसाल्वेस और पी वरवरा राव को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार हुए इन 5 वामपंथी विचारकों का माओवादियों से संबंध हैं। वहीं शुक्रवार को महाराष्ट्र के एडीजी (कानून और व्यवस्था) परमवीर सिंह ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई सबूतों के आधार पर की गई है।