Tamil Nadu: अन्नामलाई के नए राजनीतिक आंदोलन 'इधु नम्मा इयक्कम' को जबरदस्त समर्थन, 10 लाख से अधिक लोग जुड़ें
भाजपा के पूर्व तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने का एलान किया है। उन्होंने दावा किया कि 10 घंटे में 10 लाख से अधिक लोग उनके नए आंदोलन से जुड़े हैं।
विस्तार
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के इस्तीफा देने के बाद नए राजनीतिक आंदोलन 'इधु नम्मा इयक्कम' (यह हमारा आंदोलन है) को जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। भाजपा से इस्तीफा देने के बाद शुरू किए गए इस अभियान में सिर्फ 10 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक लोगों जुड़ चुके हैं। अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए इसे अपने आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया।
अन्नामलाई ने लिखा कि यह समर्थन उनके साझा विजन और मिशन में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने सभी समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि यह आंदोलन जनता की भागीदारी से और मजबूत हो रहा है।
Our political movement has achieved a milestone, with over 10 lakh leaders registering within just 10 hours. This extraordinary response is a powerful reflection of the growing belief in our shared vision and collective mission.
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I extend my heartfelt gratitude to every… pic.twitter.com/IFWW3InPAh — K.Annamalai (@annamalai_k) June 5, 2026
पार्टी छोड़ने के बाद नई राजनीतिक दिशा
भाजपा से इस्तीफा देने के बाद अन्नामलाई ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि वह एक नए और समावेशी राजनीतिक मंच की शुरुआत कर रहे हैं, जो आगे चलकर एक पूर्ण राजनीतिक पार्टी का रूप ले सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में ही पार्टी नेतृत्व को अपने इस्तीफे की जानकारी दे दी थी।
अन्नामलाई ने अपने इस्तीफे में कहा कि तमिलनाडु को लेकर उनके और भाजपा नेतृत्व के दृष्टिकोण में अंतर था, जिसके चलते उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि वर्षों तक उन्हें जो समर्थन मिला, वह उनके लिए महत्वपूर्ण रहा।
दिल्ली दौरे के बाद बढ़ी थीं अटकलें
हाल ही में अन्नामलाई ने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महासचिव बी.एल. संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। पार्टी को मात्र 3 प्रतिशत वोट शेयर मिला था, जिसके बाद राज्य इकाई में बदलाव और नए नेतृत्व की चर्चा शुरू हो गई थी।
इस्तीफे के पीछे राजनीतिक समीकरण भी अहम
उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब 2026 विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और एआईएडीएमके के बीच गठबंधन दोबारा सक्रिय हुआ है। इसके बाद उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। अन्नामलाई के एआईएडीएमके के कुछ नेताओं के साथ संबंध पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं। उनके विवादित बयानों और वैचारिक मतभेदों के कारण कई बार राजनीतिक विवाद भी उत्पन्न हुए। हाल ही में कुछ नेताओं के इस्तीफे के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में कई कार्यकर्ता उनके नए राजनीतिक आंदोलन से जुड़ सकते हैं।
क्या बनेगा नई ताकत का केंद्र?
राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अन्नामलाई का यह नया आंदोलन तमिलनाडु में एक मजबूत विकल्प बन सकता है। उनके सोशल मीडिया दावे और शुरुआती समर्थन को देखते हुए यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस नए राजनीतिक प्रयोग का असर राज्य की राजनीति पर दिखाई दे सकता है।