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तमिलनाडु: दो कारोबारी समूहों के खिलाफ आयकर विभाग की छापेमारी, 250 करोड़ रुपये के कालेधन लगाया पता
Sun, 10 Oct 2021 03:49 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 10 Oct 2021 03:49 PM IST
सार
आयकर विभाग ने रविवार को तमिलनाडु में सिल्क साड़ियों के व्यापार और चिट फंड में शामिल दो व्यापारिक समूहों के खिलाफ तलाशी के दौरान 250 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता लगाया है।
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इनकम टैक्स रेड
- फोटो : Social media
विस्तार
आयकर विभाग ने रविवार को तमिलनाडु में सिल्क साड़ियों के व्यापार और चिट फंड में शामिल दो व्यापारिक समूहों के खिलाफ तलाशी के दौरान 250 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता लगाया है। पांच अक्तूबर को कांचीपुरम, वेल्लोर और चेन्नई में 34 स्थानों पर तलाशी ली गई। सीबीडीटी ने कहा कि चिट फंड के व्यापार में शामिल समूह एक अनधिकृत कारोबार चला रहा था और पिछले कुछ वर्षों में 400 करोड़ रुपये से अधिक के सभी निवेश और भुगतान पूरी तरह से नकद में किए गए थे।
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सीबीडीटी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, समूह ने कथित तौर पर कमीशन और लाभांश के माध्यम से बेहिसाब आय अर्जित की थी। सीबीडीटी ने कहा कि समूह ने नकद वित्तपोषण से बेहिसाब ब्याज आय अर्जित कर बेहिसाब निवेश और खर्च किया था। बोर्ड ने कहा कि समूह के सदस्यों के स्वामित्व वाली संपत्तियों में महलनुमा घर और फार्म हाउस शामिल हैं।
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सीबीडीटी ने कहा है कि 1.35 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी और 7.5 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए और 150 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता चला। रेशम साड़ियों के व्यापार में शामिल समूह के बारे में जानकारी देते हुए सीबीडीटी ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान इसकी बिक्री में कमी के सबूत मिले हैं।
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समूह के सदस्य बेहिसाब नकदी निकालते थे: सीबीडीटी
सीबीडीटी ने कहा कि एक कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के माध्यम से बिक्री के आंकड़ों में हेराफेरी का पता चला है। बोर्ड ने आरोप लगाया कि समूह के सदस्य नियमित रूप से बेहिसाब नकदी निकालते थे और भूमि और भवनों में बेहिसाब निवेश करते थे। सीबीडीटी ने कहा कि समूह के सदस्य ऐशो-आराम की जीवन शैली पर भारी नकदी खर्च करते थे। वे नकद ऋण देते थे और चुकाते थे और चिट फंड आदि में निवेश करते थे।