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Hacking Row: एपल हैकिंग अलर्ट मामले में महुआ मोइत्रा का केंद्र सरकार पर हमला, लोकसभा स्पीकर को लिखी चिट्ठी
Wed, 01 Nov 2023 03:04 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 01 Nov 2023 03:04 PM IST
सार
चेन्नई में एक कार्यक्रम में सीएम स्टलिन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार आईटी, ईडी, सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है।
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संसद परिसर में महुआ मोइत्रा
- फोटो : PTI
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विस्तार
एपल की ओर से अलर्ट आने के बाद से ही विपक्ष ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेना जारी रखा है। दरअसल, मंगलवार 31 अक्तूबर को प्रियंका चतुर्वेदी, शशि थरूर, महुआ मोइत्रा, राघव चड्ढा समेत विपक्ष के कई नेताओं के पास एपल की ओर से अलर्ट आया कि उनके फोन को हैक किया जा सकता है। इसके बाद तमाम नेताओं ने मोदी सरकार को घेरना शुरू किया। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह सदन के सदस्यों को संरक्षण प्रदान करें, ताकि वे अपने कर्तव्य का निर्वहन करना जारी रख सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार द्वारा गैरकानूनी निगरानी है जो संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों पर सबसे बुरा हमला है। बिरला को लिखे पत्र में मोइत्रा ने कहा, ‘‘विपक्षी नेताओं को एक संदेश मिला है कि उन्हें सरकार प्रायोजित सेंधमारों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है जो उपकरणों के साथ दूर से छेड़छाड़ करने और उनके डेटा, संचार तथा यहां तक कि कैमरा और माइक्रोफोन तक पहुंच बनाने का प्रयास कर रहे हैं।’’
तृणमूल कांग्रेस की सांसद ने कहा, ‘‘उस पेगासस सॉफ्टवेयर (जो केवल सरकारों को बेचा गया) के मामले के मद्देनजर यह खतरा दोगुना चौंकाने वाला है जिसका उपयोग 2019-2021 के दौरान विपक्ष के विभिन्न सदस्यों, असंतुष्ट पत्रकारों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों के उपकरणों से छेड़छाड़ करने के लिए किया गया था।’’
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मोइत्रा ने पेगासस मामले का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी निशाने पर थे। विपक्ष द्वारा सदन में इस मुद्दे को उठाने के बावजूद किसी भी चर्चा की अनुमति नहीं दी गई और न ही कोई निर्णायक रिपोर्ट किसी एजेंसी द्वारा दायर की गई।’’ उन्होंने बिरला से सदस्यों के संरक्षण का आग्रह किया और कहा, ‘‘एक जीवंत विपक्ष के रूप में हमारा कर्तव्य सत्तारूढ़ सरकार से सवाल करना और उसे जवाबदेह ठहराना है।’’"
एमके स्टालिन बोलें- सरकार ने एपल कंपनी को दी धमकी
एपल की तरफ से अलर्ट आने के बाद अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक नेता एमके स्टालिन ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मोदी सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। चेन्नई में एक कार्यक्रम में सीएम स्टालिन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, 'भाजपा सरकार आईटी, ईडी, सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। वो फोन भी टैप करते हैं। विपक्षी नेताओं के शिकायत के बाद उन्होंने एपल मोबाइल कंपनी को भी धमकी दी है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमें सुना है कि भाजपा पांच राज्यों में होने वाले चुनाव हारने वाली है। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि साथ में मिलकर काम करें और इंडिया गठबंधन को जीत दिलाएं।'
आरजेडी सांसद ने भी दी प्रतिक्रिया
एपल द्वारा अलर्ट आने के बाद आरजेडी के सांसद मनोज झा ने केंद्र सरकार से बड़ा सवाल किया है। उन्होंने पूछा कि यह अलर्ट केवल विपक्षी नेताओं को ही क्यों आया है? मीडिया से बात करते हुए आरजेडी सांसद ने कहा, 'यह एक गंभीर मुद्दा है। सरकार की तरफ से मंत्रियों ने जो भी इस मुद्दे पर बात की है, वह बहुत ही कमजोर तर्क था। केवल विपक्षी नेताओं को ही यह धमकी क्यों मिली? यह एक गंभीर मामला है और सुप्रीम कोर्ट को भी इसपर संज्ञान लेना चाहिए।'
इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर ये नेता हैकिंग के आरोप लगा चुके हैं। कुछ साल पहले भी इन्होंने यही कोशिश की थी। तब न्यायालय की देखरेख में हमने पूरी जांच कराई थी। हालांकि, इसमें कुछ नहीं निकला था। यहां तक प्रियंका गांधी वाड्रा के आरोप कि 'उनके दोनों बच्चों का फोन हैक है', ऐसा भी कुछ नहीं था। ये सब झूठ आलोचकों द्वारा फैलाया गया था।
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उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार द्वारा गैरकानूनी निगरानी है जो संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों पर सबसे बुरा हमला है। बिरला को लिखे पत्र में मोइत्रा ने कहा, ‘‘विपक्षी नेताओं को एक संदेश मिला है कि उन्हें सरकार प्रायोजित सेंधमारों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है जो उपकरणों के साथ दूर से छेड़छाड़ करने और उनके डेटा, संचार तथा यहां तक कि कैमरा और माइक्रोफोन तक पहुंच बनाने का प्रयास कर रहे हैं।’’
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तृणमूल कांग्रेस की सांसद ने कहा, ‘‘उस पेगासस सॉफ्टवेयर (जो केवल सरकारों को बेचा गया) के मामले के मद्देनजर यह खतरा दोगुना चौंकाने वाला है जिसका उपयोग 2019-2021 के दौरान विपक्ष के विभिन्न सदस्यों, असंतुष्ट पत्रकारों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों के उपकरणों से छेड़छाड़ करने के लिए किया गया था।’’
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मोइत्रा ने पेगासस मामले का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी निशाने पर थे। विपक्ष द्वारा सदन में इस मुद्दे को उठाने के बावजूद किसी भी चर्चा की अनुमति नहीं दी गई और न ही कोई निर्णायक रिपोर्ट किसी एजेंसी द्वारा दायर की गई।’’ उन्होंने बिरला से सदस्यों के संरक्षण का आग्रह किया और कहा, ‘‘एक जीवंत विपक्ष के रूप में हमारा कर्तव्य सत्तारूढ़ सरकार से सवाल करना और उसे जवाबदेह ठहराना है।’’"
एमके स्टालिन बोलें- सरकार ने एपल कंपनी को दी धमकी
एपल की तरफ से अलर्ट आने के बाद अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक नेता एमके स्टालिन ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मोदी सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। चेन्नई में एक कार्यक्रम में सीएम स्टालिन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, 'भाजपा सरकार आईटी, ईडी, सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। वो फोन भी टैप करते हैं। विपक्षी नेताओं के शिकायत के बाद उन्होंने एपल मोबाइल कंपनी को भी धमकी दी है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमें सुना है कि भाजपा पांच राज्यों में होने वाले चुनाव हारने वाली है। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि साथ में मिलकर काम करें और इंडिया गठबंधन को जीत दिलाएं।'
आरजेडी सांसद ने भी दी प्रतिक्रिया
एपल द्वारा अलर्ट आने के बाद आरजेडी के सांसद मनोज झा ने केंद्र सरकार से बड़ा सवाल किया है। उन्होंने पूछा कि यह अलर्ट केवल विपक्षी नेताओं को ही क्यों आया है? मीडिया से बात करते हुए आरजेडी सांसद ने कहा, 'यह एक गंभीर मुद्दा है। सरकार की तरफ से मंत्रियों ने जो भी इस मुद्दे पर बात की है, वह बहुत ही कमजोर तर्क था। केवल विपक्षी नेताओं को ही यह धमकी क्यों मिली? यह एक गंभीर मामला है और सुप्रीम कोर्ट को भी इसपर संज्ञान लेना चाहिए।'
इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर ये नेता हैकिंग के आरोप लगा चुके हैं। कुछ साल पहले भी इन्होंने यही कोशिश की थी। तब न्यायालय की देखरेख में हमने पूरी जांच कराई थी। हालांकि, इसमें कुछ नहीं निकला था। यहां तक प्रियंका गांधी वाड्रा के आरोप कि 'उनके दोनों बच्चों का फोन हैक है', ऐसा भी कुछ नहीं था। ये सब झूठ आलोचकों द्वारा फैलाया गया था।