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वियतनाम के फाइटर पायलटों को सुखोई उड़ाने की ट्रेनिंग देगा भारत
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Dec 2016 07:58 PM IST
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- फोटो : Social Media
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भारत अगले साल से वियतनाम के फाइटर पायलटों को सुखोई-30 एमकेआई उड़ाने की ट्रेनिंग देना शुरू करेगा। जैसाकि भारत वियतनाम के नौसैनिकों को पिछले तीन साल से किलो क्लास पनडुब्बियों पर ट्रेनिंग दे रहा है।
सोमवार को रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और उनके वियतनामी समकक्ष जनरल नगो जुआन लिच के बीच इस आशय के समझौते पर दस्तखत हुए। वियतनामी रक्षामंत्री 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे हैं। तीन दिवसीय दौरे पर आए वियतनामी रक्षामंत्री के प्रतिनिधिमंडल में एयरफोर्स और नौसेना प्रमुख भी शामिल हैं।
दरअसल इस संदर्भ में पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वियतनाम दौरे पर निर्णय लिया गया था। दोनों देशों के बीच जुलाई 2007 में द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी हुई थी। वास्तव में भारत और वियतनाम दोनों एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक रूख को लेकर चिंतित हैं। दोनों देश मिलिट्री ट्रेनिंग, अभ्यास और रक्षा तकनीक में सहयोग बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही दोनों देश दक्षिण चीन सागर में संयुक्त रूप से तेल खोजने का अभियान चला रहे हैं।
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सोमवार को रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और उनके वियतनामी समकक्ष जनरल नगो जुआन लिच के बीच इस आशय के समझौते पर दस्तखत हुए। वियतनामी रक्षामंत्री 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे हैं। तीन दिवसीय दौरे पर आए वियतनामी रक्षामंत्री के प्रतिनिधिमंडल में एयरफोर्स और नौसेना प्रमुख भी शामिल हैं।
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दरअसल इस संदर्भ में पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वियतनाम दौरे पर निर्णय लिया गया था। दोनों देशों के बीच जुलाई 2007 में द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी हुई थी। वास्तव में भारत और वियतनाम दोनों एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक रूख को लेकर चिंतित हैं। दोनों देश मिलिट्री ट्रेनिंग, अभ्यास और रक्षा तकनीक में सहयोग बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही दोनों देश दक्षिण चीन सागर में संयुक्त रूप से तेल खोजने का अभियान चला रहे हैं।
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वियतनाम को ब्रह्मोस सुपरसोनिक की पेशकश
सूत्रों के मुताबिक दोनों देश अपने रक्षा संबंधों को आगे और मजबूत करना चाहते हैं। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने वियतनाम में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने का प्रस्ताव दिया है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के साथ मुलाकात करने वाले जनरल लिच चाहते हैं कि अन्य दूसरे मंचों जैसे ADMM-Plus (एशियन डिफेंस मिनिस्टर्स मीटिंग) पर भी दोनों देश मिलकर काम करें।
इसके बाद भारत और वियतनाम के रक्षा सचिव 2017 की शुरुआत में मुलाकात करेंगे। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वियतनाम दौरे पर उसे 500 करोड़ डॉलर के सैन्य मदद की घोषणा की थी। दोनों देशों के रक्षा सचिव अपनी मुलाकात में उन प्रोजेक्ट और उपकरणों की पहचान करेंगे जिस पर ये राशि खर्च की जाएगी।
भारत ने वियतनाम को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल देने तक की पेशकश की है। इसके अलावा भारत ने वियतनाम को एंटी सबमरीन टॉरपीडो वरुणास्त्र और दूसरे मिलिट्री हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के निर्यात का प्रस्ताव दिया है।
इसके बाद भारत और वियतनाम के रक्षा सचिव 2017 की शुरुआत में मुलाकात करेंगे। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वियतनाम दौरे पर उसे 500 करोड़ डॉलर के सैन्य मदद की घोषणा की थी। दोनों देशों के रक्षा सचिव अपनी मुलाकात में उन प्रोजेक्ट और उपकरणों की पहचान करेंगे जिस पर ये राशि खर्च की जाएगी।
भारत ने वियतनाम को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल देने तक की पेशकश की है। इसके अलावा भारत ने वियतनाम को एंटी सबमरीन टॉरपीडो वरुणास्त्र और दूसरे मिलिट्री हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के निर्यात का प्रस्ताव दिया है।