{"_id":"5f1117d38ebc3e63d8743e91","slug":"tablighi-jamat-16-year-old-from-ukraine-detained-in-facility-center-for-markaz-event-says-missing-mother","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस हिरासत में है तब्लीगी जमात में शामिल होने वाला 16 साल का किशोर, मां को कर रहा याद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पुलिस हिरासत में है तब्लीगी जमात में शामिल होने वाला 16 साल का किशोर, मां को कर रहा याद
Fri, 17 Jul 2020 09:26 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 17 Jul 2020 09:26 AM IST
विज्ञापन
तब्लीगी जमात (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में कोरोना वायरस के मामलों को बढ़ाने और सरकारी आदेशों की अवहेलना करते हुए बड़ी संख्या में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले 900 विदेशियों को मार्च और अप्रैल में हिरासत में लिया गया। इसमें यूक्रेन में रहने वाला एक 16 साल का बच्चा भी शामिल है।
विज्ञापन
जनवरी में 16 साल के हुए इस बच्चे को दक्षिण दिल्ली के एक सुविधा केंद्र में हिरासत में रखा गया है। वह दिल्ली के निजामुद्दीन बस्ती में मरकज में शामिल होने वाले 200 अन्य लोगों के साथ था। बता दें कि तब्लीगी जमात में शामिल होने वाले लोगों के मामलों की सुनवाई अलग-अलग अदालतों में चल रही है।
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लड़के का कहना है कि वह सात महीनों से भारत में है। ठंडे देश से होने की वजह से उसके लिए भारत की गर्मी के साथ सामंजस्य बिठाना मुश्किल हो रहा है। नेपाल और औरंगाबाद की यात्रा करने के बाद लड़का अपने पिता के साथ 22 मार्च को निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुआ था। इसके कुछ दिन बाद ही भारत में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू कर दिया गया था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- 60 मलयेशियाई तब्लीगी जमातियों को किया रिहा, सात-सात हजार का जुर्माना
लड़के को पुलिस ने आधिकारिक तौर पर आरोपी नहीं बनाया है लेकिन उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है। उसे अपने पिता के साथ क्वारंटीन हिरासत केंद्र में रखा गया है। उन्हें 31 मार्च को मरकज से निकाला गया था। 28 मई को अदालत के आदेश के अनुसार मरकज में शामिल होने वाले लोगों को क्वारंटीन केंद्रों से रिहा करने के बाद शहर में विभिन्न अदालत द्वारा अनुमोदित सुविधा केंद्रों में रखा जाएगा।
16 साल का लड़का जामिया नगर में स्थित एक अस्थायी डिटेंशन फैसिलिटी (रोकथाम सुविधा केंद्र) में है। उसने कहा, ‘हमें मई में वापस लौटना था। मुझे सितंबर में नए स्कूल जाना था लेकिन अब मैं नहीं कर पाउंगा। मैं यहां की यात्रा का आनंद ले रहा था। मैं पहली बार आया हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं वापस क्यों नहीं जा सकता। मुझे अपनी मां की याद आती है, भले ही मैं उनसे और अपने दो बड़े भाइयों से वीडियो कॉल पर बात करता हूं।’