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एफएसएसएआई की कार्रवाई: एवरेस्ट की हींग बिक्री पर रोक, चिकन-गरम मसाले में भी गड़बड़ी; जानें क्यों सख्त हुआ आयोग

Sat, 29 Aug 2026 05:44 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 29 Aug 2026 05:44 PM IST
सार

एफएसएसएआई की जांच में एवरेस्ट और लालजी गोधू के कम्पाउंडेड हींग के सैंपल तय मानकों से नीचे मिले। दोनों में असली हींग की मात्रा 30-40% तक कम पाई गई, जबकि लालजी गोधू की असली हींग में स्टार्च भी तय सीमा से कई गुना ज्यादा मिला। इसके बाद संबंधित हींग की बिक्री पर रोक लगा दी गई।

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FSSAI Prohibition Orders Against Everest Food Products and Laljee Godhoo Over Sub-Standard Hing
हींग पर FSSAI का शिकंजा - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने एवरेस्ट और लालजी गोधू ब्रांड के कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगा दी है। जांच में दोनों कंपनियों के हींग के सैंपल तय खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में एवरेस्ट और लालजी गोधू के कम्पाउंडेड हींग में असली हींग की मात्रा निर्धारित सीमा से करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम पाई गई।

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शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में क्या सामने आया?

मामला एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में एक ब्रांड की हींग की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद एफएसएसएआई ने बाजार में उपलब्ध प्रमुख हींग ब्रांड्स की जांच शुरू की। शुरुआती लैब रिपोर्ट में एवरेस्ट और लालजी गोधू के कम्पाउंडेड हींग के सैंपल मानकों से कम गुणवत्ता वाले पाए गए।

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इसके बाद मुंबई स्थित दोनों कंपनियों की सेंट्रल लाइसेंस वाली यूनिट्स से सैंपल लिए गए और उन्हें जांच के लिए भेजा गया। गुजरात के उम्बरगांव में एवरेस्ट की एक अन्य यूनिट से भी गुजरात राज्य के खाद्य विभाग के साथ मिलकर सैंपल लिए गए। जांच में इन सभी सैंपल्स को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

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कम्पाउंडेड हींग में कितनी असली हींग होनी चाहिए?

नियमों के अनुसार कम्पाउंडेड हींग तैयार करने में असली हींग को गोंद, स्टार्च और आटे के साथ मिलाया जाता है। इसमें कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट होना जरूरी है। हालांकि जांच के दौरान संबंधित उत्पादों में इसकी मात्रा महज 0 से 3 प्रतिशत के बीच पाई गई। इसका मतलब है कि इन उत्पादों में निर्धारित मानक के मुकाबले असली हींग की मात्रा करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम थी। इसी आधार पर एफएसएसएआई ने संबंधित कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।

लालजी गोधू की असली हींग में स्टार्च की मात्रा कितनी मिली?

जांच के दौरान लालजी गोधू की यूनिट से ली गई असली हींग की छह अलग-अलग किस्मों के सैंपल भी जांचे गए। नियमों के मुताबिक असली हींग में स्टार्च की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। लेकिन जांच में इन छह किस्मों में स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत तक पाई गई। यानी स्टार्च की मात्रा निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक थी।

क्या एवरेस्ट और लालजी गोधू के दूसरे मसालों पर भी रोक लगी है?

एफएसएसएआई का यह आदेश केवल संबंधित हींग उत्पादों पर लागू है। कंपनियों के दूसरे मसाला उत्पाद, जैसे अंडा करी मसाला, चिकन करी मसाला और गरम मसाला, इस रोक के दायरे में नहीं हैं।

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