Gujarat: मस्जिदों से गाजा पीड़ितों के नाम पर चंदा जुटाने वाला सीरियाई नागरिक गिरफ्तार; क्राइम ब्रांच ने पकड़ा
गुजरात में गाजा युद्ध पीड़ितों के नाम पर मस्जिदों से चंदा जुटाने वाले गिरोह के एक सदस्य को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। आरोपी अली मेघात अल-अजहर सीरियाई नागरिक है। वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। क्राइम ब्रांच ने बताया कि उसके तीन साथी फरार हैं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह मस्जिदों से चंदा लेकर विलासितापूर्ण जिंदगी जी रहा था।
उसके पास से 3,600 अमेरिकी डॉलर (3,14,301 रुपये) और 25,000 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह मस्जिदों में जाकर गाजा में भूख से जूझ रहे लोगों के वीडियो दिखाता था और मदद के नाम पर चंदा इकट्ठा करता था।
क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त शरद सिंगल ने बताया कि आरोपी के तीन साथी, जकारिया हैथम अलजार, अहमद अलहबाश और यूसुफ अल-जहर फरार हैं। वे भी उसी होटल में ठहरे थे और अजहर की गिरफ्तारी के बाद गायब हो गए। पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है, वे देश से बाहर नहीं जा सकेंगे। जांच में पता चला कि चारों आरोपी 22 जुलाई को कोलकाता पहुंचे थे और 2 अगस्त को अहमदाबाद आए थे। पुलिस ने बताया कि गाजा तक फंड भेजे जाने का कोई सबूत नहीं मिला। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने स्वीकार किया कि चंदे की रकम विलासितापूर्ण जीवन जीने में खर्च हो रही थी।
क्राइम ब्रांच ने कहा कि उनके असली मकसद की जांच की जा रही है। संदेह है कि वे किसी अन्य उद्देश्य से गुजरात आए थे और शहर में रेकी कर रहे थे। उनके संपर्क कुछ संदिग्ध लोगों से होने की भी आशंका है। पुलिस डॉलर की बरामदगी और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच, गुजरात एटीएस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी मिलकर मामले की जांच कर रही हैं। क्राइम ब्रांच का कहना है कि ऐसी गतिविधियां टूरिस्ट वीजा नियमों का उल्लंघन हैं और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं। आरोपी को ब्लैकलिस्ट कर देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।