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MRCC: 'नाविकों की रक्षा के लिए मित्र देशों के बीच तालमेल जरूरी', तटरक्षक बल का बचाव समन्वय प्रशिक्षण पर जोर

Sun, 23 Feb 2025 01:30 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 23 Feb 2025 01:30 AM IST
सार

पश्चिम तटरक्षक क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ वी अनबरसन ने शनिवार को समुद्र में नाविकों की सुरक्षा के लिए मित्र देशों के बीच तालमेल और सहयोग के महत्व पर जोर दिया। अनबरसन ने कहा कि समुद्र में नाविकों की सुरक्षा के "साझा और वैश्विक उद्देश्य" को प्राप्त करने के लिए विभिन्न देशों के बीच सहयोग और तालमेल बढ़ाने की आवश्यकता है।

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Synergy among friendly countries needed for ensuring mariners' safety: senior Coast Guard official News In Hin
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम तटरक्षक क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ वी अनबरसन ने शनिवार को समुद्र में नाविकों की सुरक्षा के लिए मित्र देशों के बीच तालमेल और सहयोग के महत्व पर जोर दिया। वे 'एमआरसीसी ओपीएस एंड एसएआर' पाठ्यक्रम के समापन समारोह में बोल रहे थे, जिसका आयोजन समुद्री बचाव समन्वय (एमआरसीसी) मुंबई द्वारा किया गया था।

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अनबरसन ने कहा कि समुद्र में नाविकों की सुरक्षा के "साझा और वैश्विक उद्देश्य" को प्राप्त करने के लिए विभिन्न देशों के बीच सहयोग और तालमेल बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खोज और बचाव (एसएआर) समन्वय प्रशिक्षण का यह पाठ्यक्रम इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।

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बता दें कि इस पाठ्यक्रम में समुद्र में खोज और बचाव के संचालन को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षकों को आवश्यक तकनीकी जानकारी दी जाती है। 'एमआरसीसी ओपीएस एंड एसएआर' पर यह एक सप्ताह का अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम छह देशों - बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, सेशेल्स और श्रीलंका के 22 प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित किया गया था।

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विदेश मंत्रालय के तहत आयोजित
साथ ही यह पाठ्यक्रम भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) और विदेश मंत्रालय के तहत आयोजित किया जाता है। इसमें समुद्री खोज और बचाव (एम-एसएआर) योजना, समन्वय, डेटा की गणना, खोज योजना विकास, उपग्रह-सहायता प्राप्त संचालन और केस स्टडी जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है।

पाठ्यक्रम में भाग लेने वाले विदेशी प्रशिक्षुओं को तटरक्षक क्षेत्रीय मुख्यालय (पश्चिम), भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) और महानिदेशक (शिपिंग) में एमआरसीसी की सुविधाओं का दौरा भी कराया गया, जहां उन्हें ऑन-साइट व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

एक नजर पूरे कार्यक्रम पर..
गौरतलब है कि यह पाठ्यक्रम 2021 में शुरू हुआ था, जिसमें 4 देशों के 15 प्रतिभागी थे, जबकि इस बार 22 प्रतिभागी थे, जो अब तक का सबसे अधिक है। एमआरसीसी, मुंबई, पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में एसएआर संचालन का समन्वय 24x7 करता है। इस वर्ष 2024 में, इसने 2,100 से अधिक अलर्ट प्राप्त किए और उनका उत्तर दिया। इसके अलावा, भारतीय तटरक्षक बल ने भारतीय खोज और बचाव क्षेत्र (आईएसआरआर) से बाहर भी कई एसएआर ऑपरेशनों का समन्वय किया।



हाल ही में दो ऑपरेशनों में भारतीय तटरक्षक बल ने पाकिस्तानी जलक्षेत्र में डूबने वाली दो भारतीय मछुआरों की नावों को बचाया और उनके लिए तटरक्षक जहाजों को भेजा। इस प्रकार, इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के माध्यम से विभिन्न देशों के बीच सहयोग और तालमेल को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि समुद्र में नाविकों की सुरक्षा को और बेहतर किया जा सके।

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