{"_id":"5de499a08ebc3e54f44636a0","slug":"swedish-king-carl-xvi-gustaf-folke-hubertus-and-queen-silvia-renate-sommerlath-arrives-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"एयर इंडिया के विमान से दिल्ली पहुंचा स्वीडन का शाही जोड़ा, लोग सादगी पर फिदा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एयर इंडिया के विमान से दिल्ली पहुंचा स्वीडन का शाही जोड़ा, लोग सादगी पर फिदा
Mon, 02 Dec 2019 10:29 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Mon, 02 Dec 2019 10:29 AM IST
विज्ञापन
पीएम मोदी से मिलते स्वीडन के राजा
- फोटो : ANI
स्वीडन के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ तथा रानी सिल्विया सोमवार को पांच दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम और स्वीडन के राजा के बीच दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने पर चर्चा हुई। इस दौरान उनकी सादगी काफी चर्चा में रही। वह एयर इंडिया के विमान से दिल्ली पहुंचे। एयर इंडिया ने खुद उनकी तस्वीरें साझा कीं, जिसकी बाद सोशल मीडिया पर उनकी सादगी की काफी तारीफें हुईं।
विज्ञापन
Delhi: Swedish King Carl XVI Gustaf Folke Hubertus and Queen Silvia Renate Sommerlath meet Prime Minister Narendra Modi at Hyderabad House. pic.twitter.com/XYqf8rO8F6
— ANI (@ANI) December 2, 2019विज्ञापन
इससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद से मुलाकात की। वहीं दिल्ली पहुंचने पर स्वीडन के राजा और रानी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी।
विज्ञापन
शाही दंपत्ति मुंबई और उत्तराखंड भी जाएगा। शाही जोड़ा दिल्ली में जामा मस्जिद, लाल किला और गांधी स्मृति जाएगा। राजा गुस्ताफ की यह तीसरी भारत यात्रा है। राजा अपने देश के उच्च स्तरीय उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। भारत और स्वीडन के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में काफी बेहतर हुए हैं। दोनों देशों के बीच 2018 में द्विपक्षीय व्यापार 3.37 अरब डॉलर का था।
विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत और स्वीडन के बीच मित्रवत द्विपक्षीय संबंध हैं और लोकतंत्र, पारदर्शिता, स्वतंत्रता के अधिकार तथा कानून के शासन जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। राजनीति, व्यापार, वैज्ञानिक और अकादमिक क्षेत्र में नियमित वार्ता ने हमारे द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान की है।