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स्वर्णिम विजय वर्ष : जवान गुजरात से 1971 किलोमीटर साइकिल चलाकर लोंगेवाला पहुंचे
Sun, 06 Dec 2020 06:26 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sun, 06 Dec 2020 06:26 PM IST
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साइक्लोथॉन में भाग लेने वाले भारतीय जवान
- फोटो : ANI
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भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध में भारतीय सशस्त्र सेना के विजय की स्वर्ण जयंती के अवसर पर भारतीय सेना ने 1971 किलोमीटर लंबे साइक्लोथॉन का समापन राजस्थान के लोंगेवाला में हुआ है। भारतीय सैनिकों ने साइक्लोथॉन की शुरुआत 26 नवंबर को गुजरात के लखपत से की थी।
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1971 km long Swarnim Vijay Varsh Cyclothon by the Indian Army culminates at Longewala in Rajasthan. The Cyclothon commenced on 26 November from border post-Lakhpat, Gujarat. pic.twitter.com/RbY1vbppnt
— ANI (@ANI) December 6, 2020विज्ञापन
भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध में भारतीय सशस्त्र सेना की विजय की स्वर्णिम जयंती पर भारतीय सेना के कोणार्क कोर की ओर से 26 दिसंबर को स्वर्णिम विजय वर्ष साइक्लोथॉन का आगाज किया गया। 1965 और 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध में हिस्सा लेने वाले 87 वर्षीय पूर्व योद्धा गुमान सिंह झाला ने साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई।
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गुजरात के लखपत में आउटपोस्ट के निकट आरंभ हुई यह रैली पहले चरण में 200 किलोमीटर का सफर करते हुए हाजीपीर, खावडा होते हुए भुज पहुंची। 1971 किलोमीटर लंबी साइकिल रैली गुजरात और राजस्थान के क्षेत्रों से होती हुई लोंगेवाला में समाप्त हुई।
भारतीय सशस्त्र दल और अद्र्ध सैनिक बलों के जवानों में साहस की भावना जगाने के उद्देश्य से कोणार्क कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पूरी की ओर से साइकिल रैली की परिकल्पना की गई। इस रैली के मार्फत ग्रामीण लोगों में कोरोना के प्रति जनजागृति फैलाई गई। इसका मूलभूत थीम सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क सेनेटाइजेशन रही। इस साइकिल रैली के माध्यम से जवान भूतपूर्व सैनिकों, युद्ध में शहीद हुए जवानों के परिजनों, दिव्यांग जनों तक पहुंचे। इस दौरान 1948, 1965 और 1971 के युद्ध के जवानों और वीर नारियों को सम्मानित भी किया गया। इस रैली में वायु सेना, नौ सेना, कोस्ट गार्ड, बीएसएफ के प्रतिनिधि शामिल हुए।